शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने लगातार दूसरे दिन गिरल लिग्नाइट माइंस के मुख्य गेट के आगे लगातार दूसरी रात गुजारी है। भाटी आज तीसरे दिन भी धरना स्थल पर किसानों और युवाओं के साथ बैठे है। विधायक भाटी का कहना है कि आरएसएमएमएल और ठेकेदार जब तक स्थानीय लोगों की मांगों को नहीं मानेंगे तब तक मैं यहीं पर इनके साथ धरने पर बैठा रहूंगा। दरअसल, शिव विधायक मंगलवार को गिरल गांव में चल रहे धरना स्थल पर पहुंचे थे। वहां पर बैठे लोगों के साथ धरने पर बैठे गए। गिरल गांव में यहां वे बोले थे- RSMML प्रबंधन समेत ठेकेदार नियमों की बात कर रहे हैं। लेकिन मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आप लोगों ने कितने नियमों की पालना की है। आपको नहीं पता है, लेकिन मुझे सब जानकारी है। उन्होंने कहा- हकीकत यह है कि कंपनी और ठेकेदार खुद किसी नियम का पालन नहीं करते हैं। नियम यह कहता है कि जहां माइनिंग हो रही है। वहां चारों तरफ तारबंदी करके पूरी तरीके से पैक करना चाहिए ताकि किसी को नुकसान न हो। लेकिन, यहां ऐसा कुछ भी नहीं किया। दिन-रात माइनिंग कर रहे हैं। माइनिंग करके खेतों में डंप कर रहे हो। इससे खेत बर्बाद हो रहे हैं। दूसरी रात गुजारी धरना स्थल शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी मंगलवार और बुधवार की रात गिरल गांव में धरना स्थल पर गुजारी। वहीं प्रशासन और आरएसएसएमएल के अधिकारियों और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए है। भाटी ने कहा- 600 रुपए बीघा के हिसाब से यहां के लोगों ने जमीन दी। तब कहा गया था कि यहां पर काला सोना निकला है। आप लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन अब 107 परिवार के लोगों को माइनिंग में नौकरी से निकाल दिया। ऐसे इन परिवारों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। भाटी ने लिग्लाइट माइंस, प्रशासन और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने धरना स्थल पर मीडिया बातचीत में कहा- लिग्नाइट माइंस, प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि माइंस क्षेत्र के आसपास आज तक सुनियोजित रूप से कोई पौधारोपण नहीं किया गया। जो थोड़ी बहुत हरियाली नजर आ रही हैं, वे भी स्वतः उगे कांटेदार बबूल झाड़ी हैं। भाटी ने आगे आरोप लगाया कि क्षेत्र के विकास को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। न तो यहां कोई स्कूल बनाया गया और न ही CSR के तहत स्थानीय लोगों को कोई ठोस लाभ मिला। उन्होंने कहा कि अगर कुछ हुआ भी है तो वह सिर्फ कागजों में ही सीमित है। सुरक्षा मानकों की बात न करें तो ही बेहतर है। जहां माइनिंग क्षेत्र में लाइटिंग होनी चाहिए वो कही दूर दूर नहीं। सुरक्षा रुपी जो फायर ब्रिगेड होनी चाहिए उसकी स्थिति तो किसी को दिखाए जैसी ही नही है। उन्होंने इस पूरे मामले को स्थानीय जनता के साथ अन्याय बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी पर सवाल खड़े किए। इससे जुड़ी खबर पढ़ें.. रविंद्र भाटी ने थाने का घेराव किया, धरने पर बैठे:बोले- 4 महीने से नाबालिग लापता, अफसर का पशु गायब होता तो सड़कों पर होता पूरा प्रशासन