सिरोही के जावाल गांव में कृष्णावती नदी के तट पर हठयोगी रामगिरि महाराज की 41 दिवसीय '11 धूनी अग्नि तपस्या' विश्व कल्याणार्थ आयोजित की जा रही है। यह तपस्या इन दिनों आस्था का केंद्र बनी हुई है। इस कठोर साधना के दर्शन करने बुधवार को क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधि जावाल पहुंचे। इनमें सांसद लुम्बाराम चौधरी, जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित, भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी, प्रधान हसमुख मेघवाल, जिला महामंत्री गणपत सिंह, जिला उपाध्यक्ष छगन घांची, जिला प्रवक्ता परमवीर सिंह चारण और नगर अध्यक्ष विक्रम माली, नारायण सिंह देलदर शामिल थे। मानवता और विश्व शांति के लिए कर रहे तपस्या इन सभी ने महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। सांसद चौधरी ने महाराज की इस कठिन तपस्या को मानवता और विश्व शांति के लिए अनुकरणीय बताया। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा, नारायण लाल सुथार, पुनीत अग्रवाल और शैतान सिंह नबी ने भी महाराज से आशीर्वाद लिया। रोज दोपहर 3 घटे करते है अग्नि तपस्या महाराज प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक धधकती हुई 11 धूनियों के घेरे में बैठकर तपस्या करते हैं। इस दौरान उन्होंने अपने हाथ आसमान की ओर उठाए रखने का कठिन संकल्प लिया है। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना है लक्ष्य शिष्य राजगिरि महाराज और भक्त पृथ्वीराज सैन ने बताया कि इस तपस्या का मुख्य उद्देश्य गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना, नारी सम्मान की रक्षा और संपूर्ण विश्व में सौहार्द कायम करना है। आगामी 41 दिनों तक चलने वाले इस आध्यात्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं, जिससे समूचा जावाल क्षेत्र भक्तिमय हो गया है।