जिले के सौर ऊर्जा हब में काम कर रही बड़ी सोलर कंपनियों को अब स्थानीय दिव्यांग युवाओं को रोजगार में अनिवार्य प्राथमिकता देनी होगी। जिला प्रशासन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रमुख कंपनियों को 7 दिन के भीतर योग्य दिव्यांग युवाओं को नौकरी देकर रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने अडानी ग्रीन एनर्जी, टाटा पॉवर, रिन्यू पॉवर, एनटीपीसी और एकमे जैसी दिग्गज कंपनियों को आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय दिव्यांग युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता, कौशल और व्यक्तिगत क्षमता के आधार पर तत्काल रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। कलेक्टर ने यह कदम दिव्यांग अधिकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमंत भाई गोयल की ओर से भेजे गए पत्र पर संज्ञान लेते हुए उठाया है। जैसलमेर जिले में दर्जनों सोलर प्रोजेक्ट्स संचालित हो रहे हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं विशेषकर दिव्यांग वर्ग को अब तक इन परियोजनाओं में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा था। दिव्यांग अधिकार महासंघ के जिलाध्यक्ष समंदरसिंह भुट्टो ने बताया कि कंपनियों द्वारा स्थानीय दिव्यांगों की अनदेखी किए जाने का मुद्दा लगातार उठाया जा रहा था। महासंघ की शिकायत पर कलेक्टर कार्यालय ने कंपनियों को सख्त पत्र भेजा है। पत्र में निर्देश दिया गया है कि कंपनियां जरूरत पड़ने पर विशेष भर्ती अभियान चलाकर इन युवाओं को समायोजित करें। साथ ही आगामी 7 दिन के भीतर की गई नियुक्तियों की सूचना सौंपे। विशेष भर्ती अभियान चलाकर देनी होगी रिपोर्ट कार्यस्थल पर सुगम माहौल और सुविधाएं भी अनिवार्य: प्रशासन ने कंपनियों को केवल नौकरी देने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि उनके कार्यस्थल के बुनियादी ढांचे को लेकर भी निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने हिदायत दी है कि कार्यस्थल दिव्यांग-अनुकूल होना चाहिए। रैंप, सुलभ शौचालय और उनके काम के अनुसार अनुकूल माहौल सुनिश्चित किया जाए ताकि वे बिना किसी बाधा के कार्य कर सकें।