उदयपुर में आज मौसम में बदलाव हुआ। दिन में गर्मी ने परेशान किया। यूनिवर्सिटी परिसर समेत शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। उदयपुर में भीषण गर्मी के बीच जगह-जगह पर अब पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए परिंडे लगाए गए हैं। आगे हीट वेव की संभावना जताई गई है। इधर, शाम बाद उदयपुर में एकाएक मौसम बदला और बादलों ने डेरा डाल दिया। शाम को बादलों के बीच भी गर्म हवाएं भी चली। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री रहा था। लगातार बढ़ती गर्मी और तेज धूप से आमजन परेशान नजर आए। उदयपुर में मौसम एक्सपर्ट डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि पक्षिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर पश्चिमी भारत पर बादल छाये रहने के साथ खंड वर्षा कि संभावना है। मेवाड़ सहित दक्षिणी राजस्थान में हल्के बादल छाए रहेंगे। साथ ही राजस्थान पर कर्क रेखा के आसपास बने रहे हॉट रिंग के कारण तापमान मे वृद्धि होने से आने वाले दो से तीन दिनों तक हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। रात्रि के तापमान मे वृद्धि होने से रातें गर्म रहेगी। दरअसल, इन दिनों उदयपुर में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी ने आमजन का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। तेज धूप, गर्म हवाओं और बढ़ते तापमान के कारण दिन के समय शहर की सड़कें सूनी नजर आती है। लोगों के लिए जगह-जगह चल रही जल सेवाओं के साथ अब पक्षियों के लिए भी राहत के प्रयास शुरू हो गए हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के डिपार्टमेंट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट परिसर में पक्षियों के लिए परिंडे बांधकर उनमें पानी भरा गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सेवा अभियान के तहत विद्यार्थियों ने कैंपस के पेड़ों पर परिंडे लगाए, ताकि भीषण गर्मी में पक्षियों को पानी मिल सके और उनकी प्यास बुझाई जा सके। गर्मी का असर पशु-पक्षियों पर भी आ रहा नजर विद्यार्थियों ने बताया कि लगातार बढ़ती गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी पड़ रहा है। ऐसे में शहरवासियों को अपने घरों, छतों और आसपास के पेड़ों पर भी परिंडे लगाने चाहिए ताकि पक्षियों को राहत मिल सके। पक्षियों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने की अपील कार्यक्रम के दौरान कोर्स डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. मीना माथुर ने सभी से पक्षियों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने की अपील भी की। विद्यार्थी परिषद के प्रांत सहमंत्री पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि विद्यार्थियों के बीच हमने यह सेवा काम शुरू किया। इसमें हम सभी कॉलेजों में यह काम कर रहे है। हीट स्ट्रोक से बचने के लिए लगाए परिेंडे डॉ. हर्षवर्धन श्रीमाली ने बताया कि एसफटी स्टूडेंट फॉर डवलपमेंट होटल फॉर होटल मैंनेजमेंट के साथ मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया। गर्मी के अंदर हीट स्ट्रोक से बचने के लिए परिेंडे लगाए और अब इसमें रोजाना पानी भरेंगे ताकि चिड़िया और पक्षी इस गर्मी में यहां प्यास बुझा सके। सुखाड़िया विश्वविद्यालय की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा वहीं दूसरी तरफ उदयपुर में एक दिन पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। तेज गर्मी और लू जैसे हालात के कारण दिनभर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर के समय शहर के बाजारों और सड़कों पर आवाजाही काफी कम रही। गर्मी का असर विश्वविद्यालय परिसर में भी साफ दिखाई दिया। कॉलेज समय के दौरान भी सुखाड़िया विश्वविद्यालय की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। आम दिनों की तुलना में कैंपस में बहुत कम विद्यार्थी और लोग नजर आए। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण अधिकांश लोग छांव और ठंडी जगहों में ही रहने को मजबूर दिखाई दिए।