बाकी सड़क व नहर में बह रहा, सीईटीपी प्लांट के गंदे पानी के कारण डिग्गी-मालपुरा रोड, मुहाना मंडी इलाके में फैल रही बदबू, गंदगी से रहना-निकलना मुश्किल सांगानेर इलाके में रंगाई-छपाई फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल युक्त दूषित पानी ने इलाके में नरकीय हालात बना दिए हैं। फैक्ट्रियों के पानी को ट्रीट करने के लिए बना कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) लोगों के लिए टॉक्सिक (बीमारी) बन गया है। प्लांट के पास ही सबसे ज्यादा खराब हालात हैं। क्षमता के अनुसार पानी ट्रीट नहीं कर केमिकल युक्त गंदा पानी सड़कों पर छोड़ रहे, जो नहर में मिल रहा। इससे 2 से 3 किमी एरिया में बदबू फैल रही है। इससे यहां रहने वाले लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है, जबकि प्लांट लगने के दौरान दावा किया गया था कि इससे सभी फैक्ट्रियां जुड़ने के बाद हालात सुधर जाएंगे। फैक्ट्रियों को प्लांट से जोड़ने वाली 65 किमी ट्रंक लाइनें जगह-जगह चौक, सड़क पर छोड़ रहे केमिकल युक्त पानी 159 करोड़ की लागत से बना यह प्लांट मार्च 2026 में शुरू हुआ। एसोसिएशन का दावा है कि 12.3 एमएलडी क्षमता के इस प्लांट से 892 फैक्ट्रियां जुड़ सकेंगी। अभी 757 फैक्ट्रियां जुड़ी हैं, लेकिन प्लांट में केवल 4 एमएलडी पानी ही ट्रीट हो रहा है। फैक्ट्रियों को प्लांट कनेक्ट करने वाली 65 किमी ट्रंक लाइनें जगह-जगह से चौक हैं। सांगानेर इलाके में सबसे ज्यादा केमिकल युक्त गंदा पानी इस प्लांट के बाहर ही बह रहा है। इससे जेडीए की बनाई 6 करोड़ की सड़क भी खराब हो रही है। इस प्लांट की कुल लागत में से 50 फीसदी राशि केंद्र सरकार, 25 फीसदी राज्य सरकार और 25 फीसदी रंगाई-छपाई फैक्ट्री सदस्यों से वसूली गई थी। हाल में कोर्ट की फटकार के बाद पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने सांगानेर में सैकड़ों अवैध फैक्ट्रियों को बंद किया है। दावा है कि 756 फैक्ट्रियां इस प्लांट से कनेक्ट हैं, बावजूद इसके खुले में केमिकल बह रहा है। 3-4 दिन में पानी बहना रोक देंगे ^प्लांट रनिंग कंडीशन में है। क्षमता 12.3 एमएलडी की है लेकिन अभी तीन-तीन दिन फैक्ट्रियां बंद रखकर 4 एमएलडी पानी ट्रीट किया जा रहा है। खुले में बह रहे पानी को रोकने के लिए काम चल रहा है। तीन-चार दिन में ठीक हो जाएगा। -प्रवीण शाह, रंगाई-छपाई एसोसिएशन