टोंक के सोहेला ग्राम पंचायत के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से 6 नवजात बालिकाओं के जन्म के मौके पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में 6 नवजात बालिकाओं के परिवार के लिए 11-11 पौधे (66 पौधे) लगाए गए। पहल ‘रालसा वन एवं बालिका वर्ष 2025 सृजन की सुरक्षा’ योजना के तहत की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में बालिकाओं के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देना और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम उठाना है। कार्यक्रम में नवजात बालिकाओं के अभिभावकों के हाथों से पौधे लगवाए जाकर उनके परिवार को इन पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी दी गई। हरित बालिका पहचान पत्र जारी किए गए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिनेश जलुथरिया द्वारा इस अवसर पर 6 नवजात बालिकाओं को हरित बालिका का पहचान पत्र जारी किया गया। समय-समय पर बालिकाओं को विधिक सेवाओं के साथ-साथ राज्य व केन्द्र सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जा सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव व अपर जिला न्यायाधीश टोंक दिनेश जलुथरिया ने बताया कि 'सृजन की सुरक्षा' अभियान के अन्तर्गत नियमित रूप से बालिकाओं के जन्म होने पर पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में पैदा हुई 6 नवजात बालिकाओं के जन्म के अवसर पर यह पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस पहल से न केवल सोहेला ग्राम पंचायत में हरियाली में वृद्धि होगी, बल्कि नवजात बालिकाओं के परिवारों में सामाजिक, शैक्षिक और स्वास्थय संबंधी विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता भी उत्पन्न होगी। यह कदम भविष्य में अन्य ग्राम पंचायतों में भी इसी प्रकार के वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए एक उदाहरण बनेगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे एक सकारात्मक और दीर्घकालिक बदलाव के प्रयास के रूप में वर्णित किया। कार्यक्रम में प्रशासक शांति देवी, पूर्व सरपंच रामदास, गायत्री, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सोहेला, आशा सहयोगिनी पुष्पा सैनी, वन विभाग के कर्मचारीगण और ग्राम पंचायत सोहेला के लोग मौजूद रहे।