पिता-पुत्र की योजनाबद्ध तरीके से सड़क हादसे में हत्या करने के मामले में पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिकअप के कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में दो जनों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान साहिल कुमावत निवासी 500 क्वार्टर, ऋषियानन्द नगर, थाना वाईडी नगर, मंदसौर और आकाश कुमावत निवासी नरसिंहपुरा, थाना सिटी कोतवाली, मंदसौर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने पिकअप के विक्रय अनुबंध से जुड़े फर्जी स्टाम्प और दस्तावेज तैयार कर पूर्व अनुसंधान अधिकारी को पेश किए थे। पुलिस के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को मोखमपुरा निवासी जावेद खान पठान ने हथुनिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि उसके पिता ने करीब तीन साल पहले गोवर्धनपुरा निवासी कुशाल खान पठान से 7 लाख रुपए उधार लिए थे। इनमें से कुछ राशि लौटा भी दी गई थी, लेकिन कुशाल ब्याज पर ब्याज जोड़कर रुपए मांग रहा था। आरोप है कि इसी रंजिश के चलते कुशाल ने प्रतापगढ़ जाते समय मोटरसाइकिल सवार जावेद के पिता और भाई शोयब खान पठान को अवलेश्वर टोल से आगे प्रतापगढ़-मंदसौर रोड पर बसाड़ गांव की सीमा में पीछे से पिकअप से टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। पहले चार आरोपी गिरफ्तार, एक षड्यंत्र में पकड़ा गया : प्रकरण में पुलिस ने पूर्व में कुशाल खान, रजिया बी, हुसैन खान और अलीम खान को गिरफ्तार किया था। इस दौरान एक स्कॉर्पियो कार जब्त की गई। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। इसके बाद 2 अक्टूबर को हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के आरोप में मोखमपुरा निवासी चंद्रपाल सिंह उर्फ चंदू राजपूत को गिरफ्तार किया गया। भास्कर इनसाइट : फर्जी स्टाम्प बनाकर अधिकारी को दिए : जांच में सामने आया कि घटना में इस्तेमाल पिकअप के विक्रय अनुबंध से जुड़े कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए थे। पुलिस के अनुसार, साहिल कुमावत और आकाश कुमावत ने 7 सितंबर को फर्जी स्टाम्प और दस्तावेज तैयार कर पूर्व अनुसंधान अधिकारी को पेश किए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों को डिटेन कर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने पिकअप कुशाल को बेचने के बाद कूटरचित स्टाम्प तैयार करने और उसे जांच अधिकारी के समक्ष पेश करने की बात स्वीकार की। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।