उदयपुर के सरकारी एमबी हॉस्पिटल को 15 से 20 साल में पूरी तरह बदल दिया जाएगा। सीएसआर में इसके लिए बड़ा प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसके तहत अस्पताल में टावर बनाए जाएंगे। एक टावर पर हेलीपैड बनाया जाएगा। इससे ब्रेन डेड मरीज के ऑर्गन एयर एंबुलेंस से लाए जा सकेंगे। सबसे खास बात यह है कि इस कार्य के दौरान अस्पताल के हैरिटेज को यथावत रखा जाएगा। यह जानकारी आज सभी कार्यों को लेकर हुई बैठक में बताई गई। बता दें कि आरएनटी मेडिकल कॉलेज और एमबी अस्पताल का विकास वेदांता हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से होगा। बैठक में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया शामिल हुए। कटारिया ने इस उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में डॉ नरेंद्र राठौड़ ने अस्पताल में वर्तमान सुविधाओं के बारे में बताते हुए आगे की योजना की जानकारी दी। हर दिन 12 हजार मरीज तक आते हैं आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ राहुल जैन ने बताया- वर्तमान में हॉस्पिटल में 8000 से 12000 महीज प्रतिदिन इलाज के लिए आते हैं। 3200 बेड हैं। अगले 10 से 15 सालों में रोगी संख्या 25000 से 30000 प्रतिदिन होने की संभावना है। इसी के मद्देनजर वेदांता हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से आरएनटी मेडिकल कॉलेज का विस्तार प्रस्तावित किया जा रहा है। इसके तहत 8 से 10 मंजिला के आधुनिक उपकरण से लैस 3 से 4 टावर बनाए जाएंगे। इसके ऊपर हेलीपैड भी होगा। बैड की संख्या बढ़ाने का प्रयास करेंगे। वेदांता की सीएसआर हेड अनुपम निधि ने बताया- इस पूरी परियोजना के लिए ग्लोबल टेंडर किए गए। इसमें विश्व स्तरीय आठ कंपनियों ने भाग लिया। इनमें से तीन कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। जो अमेरिका सहित विश्व के कई देशों में उच्चस्तरीय चिकित्सा संस्थानों के निर्माण के लिए जानी जाती है। नई इमरजेंसी बनाई जाएगी जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट के तहत खाली जगह पर टावर बनाए जाएंगे। इसके बाद एक नई इमरजेंसी भी बनाई जाएगी। पशु चिकित्सालय यहां से बाहर ट्रांसफर करने के बाद ये जगह मिल जाती है तो यहां पर इमरजेंसी बना सकते हैं। इससे एंबुलेंस सीधे ही अंदर आ जाएगी। इसी प्रकार यह भी तैयारी की जा रही है कि अंदर का पूरा खाका बदला जाए। हॉस्पिटल के अंदर मरीज और परिजन ई रिक्शा के जरिए ही यात्रा करें। इस तरह की योजना बनाई जा रही है। इससे पहले कटारिया ने एमबी चिकित्सालय में अत्याधुनिक कार्डियक कैथ लैब और जन आरोग्य लीवर क्लिनिक का उद्घाटन करने के बाद कहा- चिकित्सालय में मेडिकल सुविधाओं के इस विस्तार का सीधा लाभ संभाग एवं पड़ोसी राज्य से आने वाले मरीजों को मिलेगा। मीडिया से बात करते हुए कटारिया ने कहा- सरकार की ओर से अस्पताल में सभी प्रकार की सुविधाएं हैं। डीएमएफटी फंड और अन्य दानदाताओं सहित हिन्दुस्तान जिंक द्वारा स्थापित आधुनिक कैथलेब जैसी सुविधाएं प्रत्यक्ष उदाहरण है। इस प्रकार की सुविधाओं से आम जन को लाभ मिलेगा। नई कैथ लैब में हृदय की जांच और इलाज के लिए आधुनिक इमेज-गाइडेड तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यहां कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और स्टेंट डालने जैसी गंभीर प्रक्रियाएं आसानी से हो सकेगी। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिलेगा, जिससे जान बचने की संभावना बढ़ जाएगी। एयरपोर्ट पर 'गार्ड ऑफ ऑनर'
डबोक हवाई अड्डे के टर्मिनल से बाहर निकलते ही राज्यपाल कटारिया को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया ने उनकी अगवानी की। हवाई अड्डे पर भाजपा शहर एवं देहात के बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने स्वागत किया।
एयरपोर्ट पर देहात जिला अध्यक्ष पुष्कर तेली, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, पूर्व विधायक दलीचंद डांगी, वंदना मीणा, पूर्व भाजपा उपाध्यक्ष अतुल चंडालिया, जिला उपाध्यक्ष खूबीलाल पालीवाल, देहात जिला के पूर्व महामंत्री आकाश वागरेचा, पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष किरण तातेड़, डेयरी अध्यक्ष डालचंद डांगी, पूर्व अध्यक्ष डॉ गीता पटेल, गजेंद्र भंडारी, दीपक बोल्या, सुशील मूंदड़ा, डा. जिनेंद्र शास्त्री, लवदेव बागड़ी आदि मौजूद रहे। कटारिया ने एलिवेटेड रोड का काम देखा
कटारिया ने शहर में निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड का काम भी देखा। उन्होंने इंजीनियरों और काम करने वाली फर्म से काम के बारे में जानकारी ली। इस दौरान जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
कटारिया ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि क्वालिटी में किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाए। कटारिया ने एलिवेटेड़ रोड़ की चौड़ाई देखकर खुशी जाहिर की और कहा कि इस एलिवेटेड़ का काम पूरा होने के बाद उदयपुर शहर में यातायात जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी। आगामी वर्ष में मार्च-अप्रैल तक इस एलिवेटेड़ रोड़ का काम पूरा होने की संभावना है।