चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने उदयपुर के 28 आईवीएफ सेंटर्स का निरीक्षण किया। इनमें कई जगह विभाग को लापरवाही मिली। इस पर दो IVF सेंटर के संचालन में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उनका रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आईवीएफ की आड़ में अवैध अंडा तस्करी के दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की। विभाग ने प्रदेश में संचालित IVF सेंटर्स में पारदर्शिता, वैधानिक अनुपालन एवं नैतिक मानकों को सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की। विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया- पिछले दिनों उदयपुर जिले के आईवीएफ सेंटर्स पर अनियमितताओं की सूचनाएं मिली थी। इस पर कार्रवाई की गई। टीम ने यहां की कार्रवाई राज्य स्तर पर एआरटी और सरोगेसी के राज्य नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित की गई। साथ ही उदयपुर जिले में रजिस्टर्ड सभी आईवीएफ सेंटर्स की जांच के लिए तीन अलग-अलग टीम का गठन कर औचक निरीक्षण कराया गया। इन टीमों ने उदयपुर में 28 केंद्रों का निरीक्षण किया। राज्य नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीम ने 2 मई को उदयपुर स्थित अमर आशीष हॉस्पिटल और आईवीएफ सेंटर का निरीक्षण कर एआरटी बैंक, एआरटी क्लीनिक (लेवल-2) एवं सरोगेसी क्लीनिक से संबंधित दस्तावेज की जांच की। निरीक्षण के दौरान दस्तावेज में गंभीर कमियां मिलने पर एआरटी बैंक, एआरटी क्लीनिक एवं सरोगेसी क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। कई आईवीएफ केंद्रों के दस्तावेज की जांच प्रक्रिया जारी विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया- कई आईवीएफ केंद्रों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया जारी है। प्रमुख शासन सचिव ने कहा- एआरटी विनियमन अधिनियम-2021 एवं सरोगेसी विनियमन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी अनियमितता पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह खबर भी पढ़ें… दलाल बच्चियों से 25 हजार में अंडे खरीद रहे:IVF की आड़ में तस्करी; खुलासे के लिए रिपोर्टर पत्नी के साथ डॉक्टर के पास पहुंचा