अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में 6 भारतवंशी नेताओं ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में जीत हासिल की है। ये सभी डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य हैं। जीतने वालों में रो खन्ना, अमी बेरा, प्रमिला जयपाल, सुहास सुब्रमण्यम, पिया दांडिया और अमीश शाह शामिल हैं। इससे पहले 2024 के चुनाव में 6 भारतवंशी इस सदन के लिए चुने गए थे। इस बार सीनेट के लिए किसी भारतीय मूल के उम्मीदवार ने चुनाव नहीं लड़ा था। वहीं, गवर्नर पद के लिए भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ने ओहायो से दावेदारी पेश की थी, लेकिन वे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से हार गए। हाउस से जीतने वाले सभी 6 भारतवंशियों के बारे में जानिए… 1. एमी बेरा, डेमोक्रेट पार्टी- 8वीं बार जीते कैलिफोर्निया के तीसरे संसदीय क्षेत्र से एमी बेरा लगातार आठवीं बार सांसद चुने गए हैं। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब टकर को 23 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। बेरा पेशे से डॉक्टर हैं। वह 2012 में पहली बार सांसद बने थे। अमी बेरा का परिवार अमेरिका में होटल का कारोबार करता था। बचपन में वह वीकेंड और छुट्टियों के दौरान अपने माता-पिता के होटल में काम करते थे। इस दौरान उन्होंने होटल के छोटे-मोटे काम सीखे और कारोबार को करीब से समझा। बाद में डॉक्टर बनने के बाद 1995 में उन्होंने खुद भी एक छोटा होटल खरीदा। वह करीब 2012 तक इसके मालिक रहे। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। बेरा ने 2010 में पहली बार चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए। दो साल बाद दोबारा मैदान में उतरे और जीतकर अमेरिकी संसद पहुंचे। 2. रो खन्ना, डेमोक्रेटिक पार्टी- छठी बार जीते कैलिफोर्निया के 17वें संसदीय क्षेत्र से रो खन्ना ने लगातार छठी बार चुनाव जीता है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रितेश टंडन को 42 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। टंडन इससे पहले 2020 और 2022 में भी रो खन्ना के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। रो खन्ना कॉलेज में पढ़ाई के दौरान बराक ओबामा के लिए प्रचार करते थे। 1996 में ओबामा इलिनॉय की राज्य सीनेट का चुनाव लड़ रहे थे। खन्ना उनके लिए लोगों के घरों तक गए और वोट मांगे। यही से उनका राजनीति में सीधा जुड़ाव हुआ। नाना ने आजादी की लड़ाई लड़ी थी रो खन्ना के नाना अमरनाथ विद्यालंकार भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल थे। उन्होंने अंग्रेजी शासन के खिलाफ लेख लिखे और विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। इसके लिए उन्हें करीब चार साल जेल में रहना पड़ा था। 3. प्रमिला जयपाल, डेमोक्रेटिक पार्टी- 1.52 लाख से वोटों से जीतीं वॉशिंगटन के 7वें संसदीय क्षेत्र से डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमिला जयपाल ने लगातार छठी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार नीरव शेठ को 1.52 लाख से ज्यादा वोटों से हराया है। प्रमिला 2017 से इस सीट पर सांसद हैं। वह हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पहुंचने वाली पहली भारतीय मूल की महिला हैं। उनका जन्म चेन्नई में हुआ था। 4. सुहास सुब्रमण्यम, डेमोक्रेटिक पार्टी- दूसरी बार सांसद बने वर्जीनिया के 10वें संसदीय क्षेत्र से सुहास सुब्रमण्यम दूसरी बार सांसद चुने गए हैं। उन्हें 61.5% से ज्यादा वोट मिले हैं, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को 36.4% वोट मिले हैं। सुहास का जन्म टेक्सास के ह्यूस्टन में भारतीय माता-पिता के घर हुआ था। वह पेशे से वकील हैं। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में उन्होंने व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी पॉलिसी एडवाइजर के तौर पर काम किया था। जीत के बाद सुहास ने कहा, “अपनी आवाज उठाइए। मैंने चुनाव लड़ा और जीता। आप भी ऐसा कर सकते हैं।” 5. पिया दांडिया, डेमोक्रेटिक पार्टी- पहली बार संसद पहुंचीं वहीं, फ्लोरिडा के 22वें संसदीय क्षेत्र से पिया दांडिया पहली बार हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुनी गई हैं। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराया है। पिया को 51.9% और अस्कर को 48.1% वोट मिले हैं। 39 साल की पिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ है। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका गए थे। पिया पहले टीचर थीं। 6. अमीश शाह, डेमोक्रेटिक पार्टी- एरिजोना से जीतने वाले पहले भारतवंशी भारतीय मूल के डॉक्टर अमीश शाह ने एरिजोना से अमेरिकी संसद के निचले सदन का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस राज्य से जीतने पहले भारतीय-अमेरिकी हैं। शाह ने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जे फेली को हराया। फेली नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल) के पूर्व खिलाड़ी हैं। उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थन हासिल था। दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा। शाह को 52.49% वोट मिले, जबकि फेली को 45.45% वोट हासिल हुए। अमीश शाह का जन्म शिकागो में हुआ था। उनके माता-पिता गुजराती हैं और 1960 के दशक में अमेरिका जाकर बस गए थे। उनके पिता जैन धर्म को मानते हैं, जबकि मां हिंदू हैं। ट्रम्प और जेडी वेंस ने प्रचार किया, फिर भी हार गए रामास्वामी भारतीय मूल के रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर का चुनाव हार गए हैं। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने उन्हें 2 लाख से ज्यादा वोटों से हराया है। रामास्वामी के समर्थन में ट्रम्प ने प्रचार किया था। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी उनके लिए वोट मांगने पहुंचे थे। इसके बावजूद रामास्वामी चुनाव नहीं जीत सके हैं। रामास्वामी ने 2024 में राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के लिए रिपब्लिकन पार्टी से अपनी उम्मीदवारी पेश की थी। बाद में उन्होंने नाम वापस ले लिया था और ट्रम्प का समर्थन किया था। राज्यों के चुनावों में भी भारतवंशियों का दबदबा कई भारतवंशी उम्मीदवार हारे: न्यूयॉर्क में रिपब्लिकन उम्मीदवार सरिता कोमतिरड्डी अटॉर्नी जनरल का चुनाव हार गई हैं। नॉर्थ कैरोलाइना में महेश गनोरकर, ओहायो में निर्दलीय संदीप दीक्षित और मिशिगन में निर्दलीय अनिल कुमार को भी हार का सामना करना पड़ा है।