शहर में मंगलवार दोपहर मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह की तीखी धूप के बाद दोपहर में एकाएक घटाएं घिर आईं। वॉलसिटी से लेकर उपनगरीय इलाकों तेज हवाओं के साथ फुहार गिरी। इससे मौसम सुहावना हो गया और हवा में ठंडक घुल गई। दिन भर बादलों की आवाजाही के बीच अधिकतम तापमान 33.2 और न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन का पारा बीते 24 घंटे मे 1.9 डिग्री गिरा, जबकि रात का 2.2 डिग्री उछला है। दोपहर करीब 3 बजे घंटाघर, बड़ा बाजार, हाथीपोल, सूरजपोल, बापू बाजार, उदियापोल से लेकर हिरण मगरी, भुवाणा, प्रतापनगर आदि क्षेत्र में बूंदाबांदी हुई। हालांकि यह ज्यादा देर नहीं चली। अगले 3 दिन तेज हल्की बारिश के आसार ‌‌मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर-पश्चिम हिमालय में अगले 4-5 दिन बर्फबारी जारी रहेगी। इधर, अरब सागर में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर सिस्टम) से केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है। यदि यह सिस्टम चक्रवात में बदलता है, तो दक्षिणी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। फिलहाल मेवाड़ में अरब सागर से आ रही नमी के कारण अगले तीन दिनों तक तेज हवाओं के साथ खंड बारिश (कहीं-कहीं हल्की बौछारें) की संभावना है। सामान्य से ज्यादा ठंडा बीता दिन अक्टूबर में लगातार पड़ रही तेज गर्मी के बीच मंगलवार को हुई बूंदाबांदी से राहत मिली। बीते 24 घंटों में तापमान में गिरावट के बाद पहली बार दिन का अधिकतम पारा इस महीने के औसत से नीचे आ गया। 1 से 19 अक्टूबर तक अधिकतम तापमान 35 से 36.2 डिग्री के बीच बना हुआ था। मंगलवार को यह गिरकर 33.2 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि महीने का औसत 33.4 डिग्री है। इस महीने 15 दिन अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ऊपर रहा। इनमें चार दिन (7, 8, 14 और 16 अक्टूबर) पारा 36 डिग्री या इससे अधिक दर्ज हुआ। रात के तापमान में भी उतार-चढ़ाव रहा। छह दिन न्यूनतम पारा 17 से 18 डिग्री के बीच रहा। 10 अक्टूबर को सबसे ठंडी रात 17.4 डिग्री दर्ज हुई। वहीं, न्यूनतम तापमान का औसत 17.8 डिग्री है, जबकि यह अभी भी इससे ऊपर बना हुआ है।