साइबर ठग अब फर्जी QR कोड, लिंक और कस्टमर केयर बनकर लोगों के WhatsApp अकाउंट तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। अकाउंट पर कब्जा करने के बाद ठग कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल लोगों को एक्सीडेंट, इलाज या इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे मांगते हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए जिला पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। QR कोड स्कैन करते ही अकाउंट पर हो सकता है कब्जा साइबर अपराधी कस्टमर सपोर्ट, लॉटरी या आकर्षक ऑफर के नाम पर लोगों को फर्जी QR कोड या लिंक भेजते हैं। इनके जरिए यूजर को गुमराह कर WhatsApp अकाउंट को किसी अनजान डिवाइस से लिंक करने की कोशिश की जाती है। ठग खुद को WhatsApp सपोर्ट टीम का प्रतिनिधि बताकर भी कॉल कर सकते हैं। इस दौरान वे वेरिफिकेशन कोड, OTP या Two-Step Verification PIN मांगते हैं। संदिग्ध ऐप्स के जरिए फोन के नोटिफिकेशन, SMS और एक्सेसिबिलिटी परमिशन का गलत इस्तेमाल कर गोपनीय जानकारी चुराने की कोशिश भी की जा सकती है। इन संकेतों से पहचानें कि अकाउंट खतरे में है पुलिस की गाइडलाइन: ऐसे रखें WhatsApp अकाउंट सुरक्षित साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें कॉल अगर आपका या आपके किसी परिचित का साइबर ठगी में पैसा चला जाता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर नजदीकी पुलिस थाने या साइबर पुलिस स्टेशन में भी सूचना दें।