बांसवाड़ा/कुशलगढ़| पारिवारिक तनाव ने एक और जिंदगी लील ली। मोटागांव थाना क्षेत्र के पादर गांव में थर्ड ग्रेड शिक्षक ने पत्नी के पीहर जाने से आहत होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह जब घर में काम करने वाली युवती कमरे में पहुंची तो शिक्षक का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस के अनुसार मृतक महेंद्र (31) पुत्र नाथूलाल दायमा कुशलगढ़ क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में ग्रेड थर्ड शिक्षक के पद पर कार्यरत था। शनिवार रात वह रोज की तरह खाना खाने के बाद घर की पहली मंजिल पर बने कमरे में सोने चला गया, जबकि परिवार के अन्य सदस्य नीचे रह रहे थे। रविवार सुबह सफाई करने आई लड़की जब ऊपर कमरे में पहुंची तो महेंद्र को फंदे पर लटका पाया। परिजनों ने तुरंत उसे फंदे से नीचे उतारकर गनोड़ा अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को महात्मा गांधी जिला अस्पताल भिजवाया, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों के अनुसार महेंद्र की पत्नी पिछले करीब एक महीने से पीहर में रह रही थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान और नाराज चल रहा था। महेंद्र की 3 साल की एक बेटी भी है। पुलिस ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।