राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज चुनाव में शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए अहम फैसला लिया है। आयोग के निर्देशों के अनुसार, यदि आपके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है या किसी कारणवश उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, तो भी आप वोट डालने से वंचित नहीं रहेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव राजेश वर्मा ने बताया कि पहचान स्थापित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र ही प्राथमिक आधार रहेगा। हालांकि, इसे प्रस्तुत करने में असमर्थ रहने पर आयोग द्वारा तय किए गए 11 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजों में से किसी भी एक दस्तावेज को दिखाकर मतदान किया जा सकेगा। जानकारी के अनुसार इन वैकल्पिक विकल्पों के पीछे आयोग की मंशा हर पात्र मतदाता की पहचान सुनिश्चित करते हुए वोटिंग प्रक्रिया को सुगम बनाना है। ऐसे में यदि मतदान के दिन वोटर आईडी साथ न हो, तो भी आयोग द्वारा स्वीकृत इन 11 मान्य पहचान पत्रों में से किसी एक की मदद से आप बिना किसी बाधा के लोकतंत्र के इस पर्व में अपना योगदान दे सकते हैं।