बूटोली गांव में सोमवार शाम कटी पतंग के पीछे दौड़ रहा 10 साल का भानु 400 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिर गया। अंदर पत्थर फंसा होने से वह 60 फीट गहराई पर अटक गया। करीब 5 घंटे चले रेस्क्यू के बाद रात 11 बजे उसे सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत खतरे से बाहर है। बोरवेल में डाली रस्सी पकड़कर भानु लटका रहा, इसी के सहारे रेस्क्यू टीम ने बाहर खींच लिया।भानु बूटोली निवासी शीशराम गुर्जर का बेटा है। वह दोस्तों के साथ खेल रहा था। शाम 5:45 बजे कटी पतंग के पीछे दौड़ते हुए खुले बोरवेल में गिर गया। पत्थर ने रोका बचाव, ग्रामीण को उल्टा लटकाकर उतारा रेस्क्यू के लिए एसडीआरएफ की टीम के 10 जवान जुटे। तीन जेसीबी से बोरवेल के समानांतर गड्ढा खोदा गया, लेकिन पाइप धंसने के खतरे के कारण खुदाई रोकनी पड़ी। बोरवेल में ऑक्सीजन पाइप डालकर बच्चे को सांस लेने की व्यवस्था की गई। बच्चे को निकालने के लिए एसडीआरएफ ने ग्रामीण इस्सार को बोरवेल में उतारा। कुएं और पानी में हुए हादसों में रेस्क्यू करने वाले इस्सार ने मदद की पेशकश की थी। एसपी की अनुमति के बाद उन्हें उल्टा लटकाकर नीचे भेजा गया, लेकिन पत्थर के कारण वे बच्चे तक नहीं पहुंच सके।