सलूंबर साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए अपने बैंक खाते उपलब्ध कराने और बेचने का आरोप है। ये दोनों आरोपी झल्लारा थाने में दर्ज सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के एक प्रकरण में पिछले चार माह से फरार चल रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपने बैंक खाते अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त राशि को जमा करने और फिर उसे अन्य खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया गया था। प्रारंभिक जांच में इन आरोपियों से जुड़े बैंक खातों और साइबर अपराध से संबंधित कई शिकायतें भी सामने आई हैं। अहमदाबाद में घेराबंदी कर हिरासत में लिया पुलिस को गोपनीय सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी अहमदाबाद क्षेत्र में छिपे हुए हैं। इस सूचना के आधार पर साइबर थाना सलूंबर से एक विशेष टीम गठित कर अहमदाबाद भेजी गई। पुलिस टीम ने तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों का उपयोग करते हुए आरोपियों का पता लगाया। लोकेशन की पुष्टि होने के बाद दोनों को घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया और सलूंबर लाया गया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में हुए डिजिटल लेन-देन की गहन जांच कर रही है। ये पता लगाया जा रहा है कि साइबर ठगी की रकम किन खातों में जमा हुई, आगे किन लोगों को स्थानांतरित की गई और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन व्यक्ति शामिल हैं। पुलिस संभावित अन्य आरोपियों और उनके सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान माना पटेल (37) और मोगा पटेल (37) के रूप में हुई है। दोनों खिरावाड़ा, थाना झल्लारा के निवासी हैं। इस कार्रवाई में साइबर पुलिस थाना सलूंबर के पुलिस निरीक्षक योगेन्द्र कुमार व्यास, उप निरीक्षक निलेश कुमार, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर सिंह, हेड कॉन्स्टेबल शैलेन्द्र सिंह, कॉन्स्टेबल दिग्विजय सिंह, दिलीप कुमार, धीरज कुमार, जतीन जोशी, जितेन्द्र सिंह और रमेश कुमार शामिल थे। पुलिस ने बताया कि उप निरीक्षक निलेश कुमार, सहायक उप निरीक्षक ईश्वर सिंह, कॉन्स्टेबल दिग्विजय सिंह और दिलीप कुमार की भूमिका विशेष रूप से अहम रही।