अजमेर नगर निगम चुनाव के प्रचार के बीच भाजपा और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की सक्रियता की तस्वीर अलग-अलग नजर आ रही है। कुछ नेता प्रत्याशियों के साथ वार्डों में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं, जबकि कुछ की मौजूदगी चुनिंदा कार्यक्रमों और सभाओं तक सीमित है। ऐसे में दोनों दलों के बड़े नेताओं की चुनावी सक्रियता पर नजर है। प्रत्याशियों के प्रचार में नेताओं की मौजूदगी को पार्टी की रणनीति और स्थानीय समीकरणों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। दरअसल, नगर निगम चुनाव में मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशी अपनी जीत के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं, उनके साथ पार्टी के बड़े नेता भी मैदान में प्रचार में नजर आ रहे हैं। हालांकि, सभी नेताओं की सक्रियता का स्तर एक जैसा नहीं है। कोई लगातार जनसंपर्क और बैठकों में नजर आ रहा है तो कोई कार्यालय उद्घाटन और पार्टी कार्यक्रमों तक सीमित दिखाई दे रहा है। वहीं कुछ प्रमुख नेता फिलहाल चुनाव प्रचार से दूरी बनाए हुए हैं। भाजपा में विधायक से लेकर संगठन के पदाधिकारी मैदान में कांग्रेस में जिला संगठन और पुराने नेताओं के बीच अलग-अलग तस्वीर मैदान में मौजूदगी के हिसाब से अलग-अलग तस्वीर दोनों दलों में नेताओं की भूमिका उनके मौजूदा पद, संगठन में जिम्मेदारी और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से अलग-अलग नजर आ रही है। कुछ नेता प्रत्याशियों के साथ जनसंपर्क कर रहे हैं, जबकि कुछ कार्यालय उद्घाटन, बैठकों या बड़े पार्टी कार्यक्रमों तक सीमित हैं। वहीं टिकट को लेकर सामने आई नाराजगी और गुटीय समीकरणों का असर भी कुछ नेताओं की चुनावी मौजूदगी पर दिखाई देता है। ---------- ये खबर भी पढ़िए… अजमेर में BJP बागियों की टीम को कमजोर करेगी:जिलाध्यक्ष बोले- चुनाव को युद्ध की तरह लड़ेंगे, ब्लैकमेल कांड वाले आज ब्लैक पेपर निकाल रहे अजमेर नगर निगम चुनाव में मतदान से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के जिला अध्यक्ष रमेश सोनी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि कांग्रेस कई वार्डों में तीसरे नंबर पर रहेगी। (पूरी खबर पढ़ें…)