चौगाईं ग्राम पंचायत के रसुलपुरा निवासी 37 साल के राजू मीणा को 31 साल छोटी बहन लाली देवी ने किडनी दान कर नया जीवन दिया है। साल 2118 में राजू मीणा की दोनों किडनियां हाइपरटेंशन के कारण खराब हो गई थीं। लगभग तीन साल तक कई बड़े अस्पतालों और आयुर्वेद संस्थानों में लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। 12 अप्रैल 2021 को वरिष्ठ डॉ. जितेंद्र गोस्वामी ने बताया कि राजू की जान बचाने का एकमात्र तरीका किडनी ट्रांसप्लांट ही है। राजू की छोटी बहन के ऑर्गन पूरी तरह मैच हुए परिवार के सदस्यों, पत्नी और मौसी सहित कई रिश्तेदारों ने अंगदान की इच्छा जताई थी। हालांकि मेडिकल जांच में किसी का भी ऑर्गन मैच नहीं हो पाया, जिससे परिवार की उम्मीदें टूटने लगी थीं। राजू की छोटी बहन लाली देवी ने जांच कराई। सौभाग्य से उनका ऑर्गन पूरी तरह मैच हो गया। दो बच्चों की मां लाली देवी ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपने भाई को नया जीवन देने का फैसला किया। इस निर्णय में उनके ससुराल पक्ष का भी पूर्ण सहयोग रहा। दो बच्चों मां ने भाई को किडनी देकर नया जीवन दिया जयपुर के अस्पताल में सफल ट्रांसप्लांट सर्जरी के बाद राजू मीणा अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। राजू मीणा ने कहा, "मेरी यह सांसें मेरी बहन की देन हैं। उसी के त्याग के कारण आज मुझे रक्षाबंधन पर अपनी कलाई पर राखी सजवाने का सौभाग्य मिल रहा है।"