शहर के श्रीमती माडीबाई मिर्धा राजकीय गर्ल्स कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ अभियान के तहत ‘एक घंटा खेल मैदान में’ थीम पर प्राचार्य माया जाखड़ की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एनएसएस अधिकारी कविता भाटी एवं खेल प्रभारी महिमा नागल के निर्देशन में छात्राओं के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें 100 मीटर रेस, रूमाल झपटा, टेबल टेनिस एवं म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिताएं प्रमुख रहीं। 100 मीटर दौड़ में सुनीता प्रथम, कृष्णा मुंडेल द्वितीय तथा निरमा बड़ोला एवं कृष्णा तृतीय स्थान पर रहीं। रूमाल झपटा प्रतियोगिता में निरमा टीम विजेता रही। वहीं टेबल टेनिस में निरमा बड़ोला ने प्रथम तथा कृष्णा कटारिया ने उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में निरमा विजेता एवं भावना उपविजेता रहीं। इधर, कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के अंतर महाविद्यालय खेल कूद प्रतियोगिता में कृषि महाविद्यालय नागौर ने ओवरऑल चैंपियनशिप 2025-26 जीती थी। साथ ही यहां की छात्रा पूजा फिड़ोदा सर्वश्रेष्ठ एथलेटिक प्लेयर के रूप में घोषित हुई थी। इसके साथ ही बेडमिंटन एवं टेबल टेनिस की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। जानकारी के अनुसार बेडमिंटन में बजरंग लाल प्रथम तथा व जतिन जोशी द्वितीय रहे। स्टाफ वर्ग में अजेश कुमार प्रथम रहे। टेबल टेनिस में वीरेंद्र गोदारा प्रथम एवं तनुज कुमार द्वितीय रहे। खेल प्रभारी एवं सहायक एनसीसी अधिकारी डॉ. शिव सिंह मीणा ने कहा कि खेल विद्यार्थियों को अनुशासन, संघर्ष, धैर्य और टीम भावना सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि जीत आत्मविश्वास बढ़ाती है, जबकि हार अपनी कमियों से सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। नागौर. कृषि कॉलेज में खेल दिवस मनाते खिलाड़ी। भास्कर न्यूज । नागौर जिला मुख्यालय पर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार को कृषि महाविद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया। विद्यार्थियों को खेलों के प्रति जागरूक करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा अनुशासन और टीम भावना विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न खेल गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने विशेष उत्साह के साथ भाग लिया। विभिन्न खेल गतिविधियों में कैडेट्स ने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, समन्वय और टीम भावना का परिचय दिया। उनकी सक्रिय सहभागिता से आयोजन में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बना रहा। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एम.के. पूनिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।