नगर निगम चुनाव में टिकट बंटवारे ने भाजपा-कांग्रेस के भीतर नेताओं की ताकत भी सामने ला दी। भाजपा के 150 वार्डों में करीब 100 टिकट विधायकों की पसंद से, जबकि 50 संगठन की पसंद से तय हुए। इसके बावजूद कई वार्डों में विधायकों-मंत्रियों के सुझाए नाम कटे। कांग्रेस में संगठन से ज्यादा विधायकों और प्रमुख नेताओं की पसंद दिखाई दी। हालांकि, कई वार्डों में इसका जोरदार विरोध भी हुआ। भाजपा; विधायकों को 100 टिकट, कई वार्डों में मानीं सभी सिफारिशें विधायक और मंत्री शुरुआत में हर वार्ड से अपनी पसंद का सिंगल नाम लेकर पहुंचे, लेकिन संगठन ने तीन नाम का पैनल मांगा। इन्हीं पर मंथन के बाद स्थानीय समीकरणों के आधार पर टिकट तय हुए। 150 में करीब 100 टिकट विधायकों की पसंद के रहे और करीब 50 संगठन की पसंद के। शहर भाजपा अध्यक्ष अमित गोयल के सुझाए अधिकतर दावेदारों को टिकट नहीं मिला। विधायक गोपाल शर्मा और बालमुकुंदाचार्य के पूरे नामों पर सह​मति नहीं बनी, जबकि विधायक कालीचरण सराफ और कैलाश शर्मा के अधिकतर टिकट फाइनल कर दिए गए। मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और दिया कुमारी के सुझाए नामों में भी बदलाव हुए। कांग्रेस; कागजी-रफीक-खाचरियावास व सुनील की अपने क्षेत्र से बाहर भी चली कांग्रेस ने बगावत से बचने के लिए सूची अंतिम समय तक रोकी और नामांकन का समय खत्म होने के करीब दो घंटे बाद शाम 5 बजे जारी की। विधायक अमीन कागजी, रफीक खान, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा की पसंद को तवज्जो मिली। इनका प्रभाव अपने विधानसभा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा। हवामहल, सांगानेर, विद्याधर नगर और झोटवाड़ा के कई वार्डों में भी इनकी पसंद के उम्मीदवार उतरे। दूसरे नेताओं को साधने के लिए उनकी पसंद के भी एक-दो नाम शामिल किए गए। कांग्रेस में प्रभावशाली नेताओं की पकड़ क्षेत्र से बाहर तक दिखाई दी। बागियों का हिसाब- 5 भाजपा में रहकर भी बे-टिकट, 2 कांग्रेस में लौटे तो दिया फिर मौका हेरिटेज निगम में कांग्रेस का बोर्ड गिराकर भाजपा का बोर्ड बनवाने वाले 8 पार्षदों का राजनीतिक सफर फिर चर्चा में है। इनमें मनोज मुद्गल, उत्तम शर्मा, ज्योति चौहान, सुशीला देवी, अरविंद मेठी, मोहम्मद जकरिया, पारस जैन और संतोष कंवर शामिल थे। भाजपा में रह गए पांचों पार्षदों को भाजपा ने इस बार टिकट नहीं दिया। दूसरी तरफ कांग्रेस ने पार्टी में लौटे दोनों के परिवार को फिर चुनावी मौका दिया है। जकरिया को वार्ड 114 से टिकट मिला है, जबकि वार्ड 110 से पूर्व पार्षद अरविंद मेठी की पत्नी सुनीता मेठी को उम्मीदवार बनाया है।