अजमेर के जेएलएन अस्पताल में प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए सिलेक्ट 62 नर्सिंग ऑफिसर्स की भर्ती में पैसे लेकर जॉइनिंग देने के आरोप लगे हैं। इस आशय की शिकायत के बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे ने भर्ती निरस्त कर दी। आदेश में बताया गया कि मूल्यांकन सूची के अनुसार कार्मिकों की नियुक्ति नहीं देकर उसमें बदलाव कर दिया। ये कार्रवाई कुछ लोगों ने जब कलेक्टर को शिकायत की तो उसके बाद की गई। 227 नर्सिंग ऑफिसर्स लगे थे अजमेर के जेएलएन में प्लेसमेंट के जरिए 227 नर्सिंग ऑफिसर्स लगे हुए थे। इनमें से 62 का चयन किया जाना था। अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को दोनों प्लेसमेंट एजेंसियों को नर्सिंग ऑफिसर्स लगाने के आदेश जारी किए थे। जॉइनिंग के बाद कुछ नर्सिंग ऑफिसर्स ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर नाराजगी जताई और कलेक्टर लोकबंधु से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन साल की सेवा पूरी कर चुके नर्सिंग ऑफिसर्स को भी चयन में शामिल किया गया है। नियमानुसार तीन साल पूरे होने पर 30 प्रतिशत भर्ती का लाभ मिलना चाहिए, ऐसे में इसका लाभ अन्य पात्र अभ्यर्थियों को मिलना चाहिए। नर्सिंग ऑफिसर्स ने भर्ती प्रक्रिया में अस्पताल प्रशासन के चहेते और वर्ग विशेष से जुड़े लोगों को लाभ देने का आरोप भी लगाया। कुछ ने राशि लेकर भर्ती करने का आरोप लगाया। ये आरोप सोशल मीडिया पर भी वायरल हुए।