रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं और बहनों के लिए सरकार की ओर से दी जाने वाली रोडवेज यात्रा सुविधा का लाभ खंडार क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल पा रहा है। खंडार से सवाई माधोपुर और बालेर के लिए रोडवेज बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को निजी बसों और अन्य छोटे वाहनों के भरोसे यात्रा करनी पड़ रही है। खंडार से सवाई माधोपुर की दूरी करीब 50 किलोमीटर और बालेर की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। रोडवेज बस सेवा नहीं होने के कारण क्षेत्र के हजारों लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निजी वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने के कारण सफर जोखिम भरा हो जाता है। ड्राइवर सवारियों से वाहन खचाखच भरने के बाद ही रवाना होते हैं। इसके कारण सफर के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्टूडेंट्स को भी परेशानी खंडार और सवाई माधोपुर के बीच आने वाले गांवों से बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स रोजाना सवाई माधोपुर कॉलेजों में पढ़ने जाते हैं। रोडवेज बस सेवा नहीं होने के कारण उन्हें भी निजी बसों और अन्य वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। यात्रियों की संख्या अधिक होने से निजी बसों की व्यवस्था भी पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। लंबे समय से बस सेवा की मांग क्षेत्रवासियों का कहना है कि खंडार और बालेर के लिए रोडवेज बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को सुरक्षित और सस्ता परिवहन मिल सकेगा। दोनों कस्बों के लिए रोडवेज बस शुरू करने की मांग पहले भी सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों की ओर से जनप्रतिनिधियों एवं परिवहन विभाग के समक्ष उठाई जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने दोनों मार्गों पर नियमित रोडवेज बस सेवा शुरू करने की मांग की है।