भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। पाली के बाजार राखियों और घेवर से सज गए हैं। दुकानों पर 5 रुपए से लेकर 5 हजार रुपए तक की राखियां उपलब्ध हैं, लेकिन इस बार बच्चों के लिए आई फेस बदलने वाली राखियां खास आकर्षण बनी हुई हैं। बटन दबाते ही चेहरा बदलने वाले टॉय के साथ राखियां मिल रही हैं। कार्टून कैरेक्टर वाली राखियों के साथ टॉय गिफ्ट भी दिए जा रहे हैं। वहीं, मिठाई की दुकानों पर देशी घी से तैयार घेवर की बिक्री भी शुरू हो गई है। राखी के साथ गिफ्ट में मिल रहे टॉय, बटन दबाते ही बदलता है चेहरा इस बार बच्चों को ध्यान में रखते हुए बाजार में कार्टून कैरेक्टर वाली राखियों की अच्छी रेंज आई है। खास बात यह है कि बच्चों की कई राखियों के साथ गिफ्ट में अलग-अलग तरह के टॉय भी दिए जा रहे हैं। इसके अलावा ऐसी राखियां भी हैं, जिनमें लगा टॉय एक बटन दबाते ही अपना चेहरा बदल लेता है। बच्चों को यह राखियां काफी पसंद आ रही हैं। बाजार में शुद्ध चांदी की राखियां भी मौजूद हैं। इनमें करीब 5 हजार रुपए कीमत वाली राखी भी खास आकर्षण बनी हुई है। शहर के सूरजपोल, सर्राफा बाजार से लेकर भीतरी बाजार तक दुकानों और सड़क किनारे जगह-जगह राखियों की दुकानें सजी हुई हैं। 5 रुपए से 5 हजार तक की राखियां, हैंडमेड राखियों की भी मांग राखी व्यापारी केकू ने बताया कि बाजार में 5 रुपए से लेकर 5 हजार रुपए तक की राखियां उपलब्ध हैं। हैंडमेड राखियों की भी काफी मांग है। पाली में राखियां अहमदाबाद और कोलकाता से आती हैं। इस बार भाई-भाभी की जोड़ी वाली राखी, महिलाओं के लिए अलग-अलग डिजाइन की चूड़ा राखी और बच्चों के लिए डोरेमोन, स्पाइडरमैन जैसी कार्टून कैरेक्टर वाली लाइट राखियां चलन में हैं। महिलाओं के लिए स्टोन जड़ित, कढ़ाईदार, पारंपरिक, सिल्वर प्लेटेड और कस्टमाइज्ड राखियों की भी कई वैरायटी बाजार में उपलब्ध हैं। रक्षाबंधन पर खास घेवर, बिना रबड़ी वाला एक महीने तक खराब नहीं होता रक्षाबंधन पर घेवर की भी खूब बिक्री होती है। पाली में हलवाई हरियाली तीज से पहले ही घेवर बनाना शुरू कर देते हैं। यहां घेवर किलो के हिसाब से नहीं, बल्कि पीस के हिसाब से बेचा जाता है। मिठाई विक्रेता राजूभाई मेड़तिया ने बताया कि खास तौर पर 9 इंच और 7 इंच के 300 ग्राम वाले घेवर बनाए जाते हैं। इन्हें शुद्ध देशी घी में तैयार किया जाता है। बिना रबड़ी वाला घेवर करीब एक महीने तक खराब नहीं होता। बहनें बोलीं- भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने आए हैं पाली के बाजार में बहनें अपने भाइयों के लिए राखी खरीदती नजर आ रही हैं। बेटी के साथ खरीदारी करने पहुंची रेखा जैन ने बताया कि वह अपने भाई और भतीजों के लिए राखी और मिठाई खरीदने आई हैं। वहीं किरण कंवर ने बताया कि वह भी अपने भाई के लिए राखी और मिठाई लेने आई हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का त्योहार मनाने को लेकर वह काफी उत्साहित हैं।