राजधानी में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की तस्वीर चौंकाने वाली है। ट्रैफिक पुलिस ने 1 जनवरी से 12 अक्टूबर 2026 तक 285 दिन में 14,30,462 चालान किए। दैनिक भास्कर ने इन आंकड़ों का समय के आधार पर विश्लेषण किया तो सामने आया कि औसतन हर 17 सेकंड में एक चालान हुआ। यानी हर मिनट करीब 3.5 और हर घंटे औसतन 209 चालान हुए। प्रतिदिन औसतन 5,019 चालान किए गए। इनमें सबसे ज्यादा कार्रवाई तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों पर हुई। ओवर-स्पीड के 3,17,801 चालान हुए। यानी हर 78 सेकंड में एक चालान। बिना हेलमेट वाहन चलाने पर हर 5 मिनट, नो-पार्किंग में हर 6 मिनट और रेड लाइट जंप करने पर हर 8 मिनट में औसतन एक चालान हुआ। ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 285 दिन में बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 83,790, नो-पार्किंग में 68,551 और रेड लाइट जंप करने पर 48,775 चालान हुए। तीन सवारी बैठाने पर 46,651 चालान किए गए। रिपोर्ट में रात के समय तेज रफ्तार के सबसे ज्यादा मामले दर्ज होने की बात भी सामने आई है। तेज रफ्तार सबसे बड़ी समस्या, हर दिन औसतन 1,115 चालान ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन में तेज रफ्तार सबसे आगे रही। इसके 3,17,801 चालान हुए। यानी प्रतिदिन औसतन 1,115 और हर घंटे करीब 46 चालान। बिना हेलमेट वाहन चलाने पर प्रतिदिन औसतन 294 चालान हुए। नो-पार्किंग में हर दिन करीब 241 और रेड लाइट जंप करने पर 171 चालान हुए। तीन सवारी बैठाने के प्रतिदिन औसतन 164 मामले सामने आए। हर 24 मिनट में गलत दिशा में वाहन चलाने पर चालान : गलत दिशा में वाहन चलाने के 17,086 चालान हुए। यानी औसतन हर 24 मिनट में एक चालान। वाहन चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल करने पर 14,572 चालान हुए। इस श्रेणी में हर 28 मिनट में एक कार्रवाई हुई। शराब पीकर वाहन चलाने के 5,448 चालान हुए। यानी हर 75 मिनट में औसतन एक चालान। बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने के 19,119 चालान हुए। इस श्रेणी में हर 21 मिनट में एक चालान हुआ। इसी तरह वाहनों पर काली फिल्म लगाने के 23,129 चालान किए गए। यानी हर 18 मिनट में एक कार्रवाई हुई। आंकड़ों में समझिए ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की तस्वीर अवधि: 1 जनवरी से 12 अक्टूबर