मानसरोवर से अजमेर रोड के 200 फीट बाईपास तक बनने वाली मेट्रो के फेज-1डी में 2 किमी लंबे एलिवेटेड ट्रैक के सभी पिलर और आई-गर्डर डालने का काम पूरा हो गया है। स्टेशन का काम भी शुरू हो चुका है। करीब 400 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन मार्च 2026 थी, अब जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस फेज में अजमेर बाईपास चौराहे पर अंतिम स्टेशन बनाया जाएगा। फेज-1डी के बाद रोजाना 1.10 लाख यात्रियों के सफर की उम्मीद मेट्रो के फेज-1डी का काम पूरा होने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़कर प्रतिदिन 1.10 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक फेज-1सी का काम पूरा होने के बाद राइडर-शिप 2 लाख से अधिक होने का अनुमान है। वर्तमान में मानसरोवर से बड़ी चौपड़ के बीच 11.98 किमी लंबे ट्रैक पर मेट्रो चल रही है और 11 स्टेशन हैं। रोजाना 66 हजार यात्री सफर कर रहे हैं। फेज-1सी और फेज-1डी के विस्तार के बाद मेट्रो का सफर करीब 18 किमी हो जाएगा। स्टेशन 11 से बढ़कर 14 हो जाएंगे। पश्चिमी से पूर्वी जयपुर तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी दोनों प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद यात्रियों को मानसरोवर से ट्रांसपोर्ट नगर तक मेट्रो से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। सड़क मार्ग से करीब एक घंटे में तय होने वाली दूरी मेट्रो से 35 मिनट में तय की जा सकेगी। जाम से भी राहत मिलेगी। मेट्रो के चारों फेज की स्थिति फेज-1ए: मानसरोवर से चांदपोल तक 9.63 किमी लंबा ट्रैक। फेज-1बी: चांदपोल से बड़ी चौपड़ तक 2.35 किमी लंबा ट्रैक। फेज-1सी: बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक 3.85 किमी लंबा ट्रैक। फेज-1डी: मानसरोवर से अजमेर रोड स्थित 200 फीट बाईपास तक करीब 2 किमी लंबा ट्रैक।