प्रतापगढ़ | उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देश पर विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के तहत 21 और 22 अक्टूबर को जिले में चल रहे धर्मकांटों का व्यापक औचक निरीक्षण किया गया। राजस्थान विधिक माप विज्ञान प्रवर्तन नियम, 2011 के अनुसार कार्रवाई की गई। जांच में 2 प्रतिष्ठानों पर सत्यापन प्रमाण पत्र नहीं मिले। दोनों पर कुल 14 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। विभाग ने कहा कि आने वाले दिनों में जिले में संचालित सभी धर्मकांटों की नियमित जांच जारी रहेगी। दोषी पाए गए प्रतिष्ठानों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य उपभोक्ता हितों की रक्षा करना है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में विधिक मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करना है। विभाग ने व्यापारियों से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित और सत्यापित कांटा-बांट का उपयोग करें।