नगर परिषद में शुक्रवार को एक ठेकेदार और कर्मचारियों के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। ठेकेदार पर कार्यालय में कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए विभिन्न शाखाओं के कर्मचारियों ने कामकाज बंद कर दिया। कर्मचारी अपनी सीटों से उठकर कार्यालय के बाहर पार्क में एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार ने महिला कर्मचारियों के सामने भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। मामला नगर परिषद के लेखा शाखा से जुड़ा है। ठेकेदार सुभाष जनेवा पेमेंट से जुड़े मामले को लेकर लेखा शाखा पहुंचा था। यहां कमरा नंबर 6 में काम कर रहे वरिष्ठ सहायक रतन लाल वर्मा के साथ उसकी कहासुनी हो गई। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार ने बातचीत के दौरान मर्यादा का ध्यान नहीं रखा और गाली-गलौज करने लगा। इससे कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी भी नाराज हो गए। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और विभिन्न शाखाओं के कर्मचारी काम छोड़कर विरोध में उतर आए। पहले भी है ठेकेदार की शिकायतें कर्मचारियों का कहना है कि ठेकेदार का व्यवहार पहले भी विवाद का कारण बन चुका है। इस संबंध में नगर परिषद आयुक्त को पहले भी शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। कर्मचारियों ने कहा कि सरकारी कार्यालय में आकर कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खासकर महिला कर्मचारियों के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना गंभीर मामला है। एफआईआर और फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की मांग विरोध कर रहे कर्मचारियों की मांग है कि ठेकेदार सुभाष जनेवा के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जाए। साथ ही उसकी फर्म को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में नगर परिषद में इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। उनके कार्य बहिष्कार के कारण नगर परिषद का सामान्य कामकाज भी प्रभावित हुआ। सभापति बोले- कर्मचारियों के साथ खड़े हैं नगर परिषद सभापति अब्दुल्ला अगवान ने भी ठेकेदार के व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सुभाष जनेवा के खिलाफ कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार की शिकायतें पहले भी मिलती रही हैं। शुक्रवार को पेमेंट के मामले में उसने लेखा शाखा में कार्यरत कर्मचारी रतन लाल वर्मा के साथ दुर्व्यवहार किया। इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। सभापति ने कहा कि वे कर्मचारियों के साथ हैं। कर्मचारियों की मांगों को लेकर आयुक्त से बात कर उचित निर्णय लिया जाएगा। आयुक्त ने कर्मचारियों को समझाने का किया प्रयास घटना के बाद नगर परिषद प्रशासन में भी हलचल मच गई। आयुक्त ने कर्मचारियों को समझाकर काम पर लौटने के प्रयास किए, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। कर्मचारियों का कहना है कि केवल समझाइश से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठेकेदार के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।