जिले में पहाड़ों से चेजा पत्थर के अवैध खनन और भंडारण पर कार्रवाई के बीच वन विभाग की गश्ती व्यवस्था की सीमाएं भी सामने आ रही हैं। वन क्षेत्र में अवैध खनन रोकने के लिए गश्ती दल नियमित निगरानी करता है, इसी कड़ी में वन विभाग और निवाई पुलिस की संयुक्त टीम ने चोरपुरा गांव के पास नहर के नजदीक दबिश देकर चेजा पत्थर का बड़ा स्टॉक जब्त किया। एपीएफ अनुराग महर्षि ने बताया कि चोरपुरा के पास वन क्षेत्र से अवैध खनन कर पत्थर जमा किए जाने की सूचना मिली थी। जिला वन अधिकारी संदीप छलानी के निर्देशन में निवाई रेंजर धारीलाल व गश्ती दल के रेंजर अजय प्रजापत की मौजूदगी में सहायक वनपाल मोहन मीणा व रामराज मीणा, वनरक्षक संदीप मौर्य, विनोद गुर्जर, कमलेश मीणा, विक्रम चौधरी, विष्णु मीणा, रुमाली, टीना चौधरी, रिंकू, धोली आदि कार्मिकों की टीम ने मौके पर दबिश दी। करीब पांच घंटे तक चली कार्रवाई में जेसीबी की मदद से पत्थर को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरवाया गया। इस दौरान निवाई थानाधिकारी घासीराम पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे। मौके पर करीब 30 से 35 ट्रॉली चेजा पत्थर का स्टॉक मिला। जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से पत्थर को हटवाकर निवाई के संजय वन में सुरक्षित रखवाया गया। एसीएफ अनुराग महर्षि ने बताया कि जब्त पत्थर के स्टॉक के मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। अवैध खनन और भंडारण करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। गश्त में पुलिस का साथ जरूरी : वन क्षेत्र में अवैध खनन रोकना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। गश्ती दल के कर्मचारी सीमित संसाधनों के साथ निगरानी करते हैं, ऐसे में अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ मौके पर कार्रवाई के लिए पुलिस सहयोग जरूरी हो जाता है। अधिकारियों के अनुसार ऐसे में सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ संयुक्त दबिश देकर स्टॉक जब्त करने जैसी कार्रवाई की जाती है।