बाड़मेर | सुउदय परियोजना के तहत सुपर नेपियर घास के डंठलों का वितरण व प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सोसायटी टू अपलिफ्ट रूरल इकोनॉमी बाड़मेर ने सुजलॉन फाउंडेशन के सहयोग से सुमारगर नगर में कराया। परियोजना प्रबंधक हनुमान राम चौधरी ने बताया कि सुपर नेपियर घास कम लागत में हरा चारा उपलब्ध कराती है और इसकी खेती सालभर की जा सकती है। उन्होंने कहा कि उन्नत किस्म के डंठलों की बुवाई के बाद लगभग आठ साल तक नियमित हरे चारे का उत्पादन लिया जा सकता है। चौधरी ने भूमि तैयारी, गोबर खाद के उपयोग, रोपाई, सिंचाई और पशुओं को चारा खिलाने की विधि पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घास 12 से 15 फीट तक बढ़ सकती है और कम सिंचाई में करीब 50 दिन में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। संकुल समन्वयक दिनेश कुमार ने कहा कि इस घास में पोषक तत्व अधिक होते हैं।