प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में 8वां राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा एक जन-आंदोलन के रूप में स्वस्थ राजस्थान की नींव तैयार कर रहा है। 9 अप्रैल से शुरू हुआ यह पखवाड़ा 23 अप्रैल तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य जीवन के पहले 6 वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क के सर्वोत्तम विकास को प्रोत्साहित करना है। इस पखवाड़े के तहत बच्चों में स्क्रीन टाइम कम करने, प्रारंभिक वर्षों में खेल-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और मातृ एवं शिशु पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करते हुए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अब तक इस पखवाड़े में 20 लाख से अधिक गतिविधियां सफलतापूर्वक संचालित की जा चुकी हैं। इनमें मातृ एवं शिशु पोषण श्रेणी में 6 लाख 82 हजार से अधिक, प्रारंभिक वर्षों में खेल-आधारित शिक्षा श्रेणी में 3 लाख 83 हजार से अधिक और स्क्रीन टाइम कम करने से संबंधित श्रेणी में 2 लाख 42 हजार से अधिक गतिविधियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने के लिए 1 लाख 76 हजार से अधिक गतिविधियां आयोजित कर सामुदायिक समर्थन प्राप्त किया गया है। अन्य श्रेणियों में भी 27 हजार 671 से अधिक गतिविधियां संचालित की गई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक ऋचा चतुर्वेदी ने बताया कि 8वें राष्ट्रीय पोषण पखवाड़े के अंतर्गत गर्भावस्था के दौरान सर्वोत्तम पोषण, केवल स्तनपान, आयु के अनुसार पूरक आहार, मस्तिष्क के विकास के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन (0-3 वर्ष), देखभाल और प्रारंभिक शिक्षण के लिए संवाद को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षा, समग्र विकास और स्कूल जाने की तैयारी में सहयोग, स्क्रीन टाइम कम करने में माता-पिता और समुदाय की भूमिका तथा स्वस्थ आदतों व सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इसमें जन भागीदारी और सीएसआर के माध्यम से भी सहयोग लिया जा रहा है।