अजमेर के जेएलएन अस्पताल में 21 साल की युवती के हायटस हर्निया का रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन किया गया। युवती पिछले दो महीने से सीने में तेज जलन, खट्टी डकारें, पेट दर्द और खाना नहीं पचने की समस्या से परेशान थी। दवाइयों से राहत नहीं मिलने पर जांच के बाद सर्जरी करने का निर्णय लिया गया। लैप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. शिव कुमार बुनकर के अनुसार, युवती को उल्टी जैसा महसूस होने के साथ वजन कम होने की परेशानी भी थी। एंडोस्कोपी जांच में हायटस हर्निया की पुष्टि हुई। पहले दवाइयों से उपचार किया गया, लेकिन आराम नहीं मिलने पर डॉ. श्याम भूतड़ा के मार्गदर्शन में ऑपरेशन की योजना बनाई गई। रोबोटिक तकनीक से की सर्जरी डॉक्टरों की टीम ने युवती की रोबोटिक निसेन फंडोप्लीकेशन सर्जरी की। इसमें पेट के ऊपरी हिस्से को भोजन नली के निचले हिस्से के चारों ओर लपेटकर एसिड को वापस भोजन नली में जाने से रोकने की व्यवस्था की जाती है। इसके साथ डायाफ्राम के छिद्र की मरम्मत भी की गई। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया के अनुसार, युवती की रिकवरी तेजी से हुई है और उसकी स्थिति स्वस्थ है। रोबोटिक तकनीक से छोटे चीरे लगाकर सर्जरी की गई। ऑपरेशन मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा (मां) योजना के तहत नि:शुल्क इलाज किया गया।