भारत सरकार के प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसीज रेगुलेशन एक्ट (पसारा) एक्ट अधिनियम 2005 के तहत जीडीएक्स सिक्योरिटी ग्रुप नोएडा की ओर से 250 सुरक्षा जवान, 30 सुपरवाइजर, 20 ड्रोन पायलट के लिए भर्ती कैम्प होंगे। इसकी शुरुआत कल से 15 जुलाई से होगी। इसमें हर महीने 18 से 26 हजार रुपए सैलरी मिलेगी। भर्ती अधिकारी राजेन्द्र कुमार सरगरा ने बताया- 15 जुलाई को पंचायत समिति अराई, 16 को पंचायत समिति भिनाय, 17 को पंचायत समिति केकड़ी, 20 को पंचायत समिति किशनगढ़, 21 को पंचायत समिति पीसांगन, 22 को पंचायत समिति सरवाड़, 23 को पंचायत समिति श्रीनगर, 24 को पंचायत समिति अजमेर ग्रामीण में सुबह 11 बजे से शाम 3 बजे तक भर्ती कैम्प आयोजित किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए भर्ती अधिकारी के मो.न.9289153551, 9555736203 पर सम्पर्क कर सकते हैं। उम्र 18 से 45 साल तक रखी है सुरक्षा जवान के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास, उम्र 18 से 45 साल, ऊंचाई 168 सेंटीमीटर, वजन 52 से 96 किलो रखी गई है। सुपरवाइजर के लिए ग्रेजुएट + कम्प्यूटर, उम्र 22 से 40 साल, ऊंचाई 170 सेमी और वजन 55 से 96 किलो होना जरूरी है। इसके लिए मार्कशीट, आधार कार्ड की फोटोकॉपी और दो पासपोर्ट साईज फोटो, रजिस्ट्रेशन शुल्क 250 रुपए के साथ उपस्थित होकर आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती शिविर में दूसरे जिले के युवा भी ब्लॉक में उपस्थित होकर आवेदन कर सकते हैं। यहां मिलेगी जॉब चयनित युवाओं को जीडीएक्स ग्रुप के ट्रेनिंग सेंटर एनआईएमटी कैंपस नियर परीचौक कालेज ग्राउंड में स्थित सेंटर में 15 दिन के आवासीय प्रशिक्षण के बाद सर्टिफिकेट के साथ जयपुर एयरपोर्ट, बीकानेर सोलर प्लांट, जयपुर निम्स हॉस्पिटल, मोल,अहमदाबाद एयरपोर्ट एवं राजस्थान के बड़े-बड़े ओद्योगिक क्षेत्रों में 18000 से 26,000 तक के मासिक सेलरी के साथ 58 साल तक स्थाई नौकरी दी जाएगी। साथ ही पीएफ, पेंशन, बीमा, मेडिकल सुविधा, ग्रेच्युटी, सालाना वेतन में वृद्धि, लोन की सुविधा, प्रमोशन जैसे सुविधाओं के साथ ड्यूटी दौरान रहने व खाने की सुविधाएं रियायती दरों पर मिलेगी। ……….. पढ़ें ये खबर भी…. इंजीनियर्स का 2 लाख का खेल,चहेतों को 43.86-करोड़ का ठेका:पोल खुली तो 50 लाख के टेंडर देने वाला SE सस्पेंड, करोड़ों वालों पर एक्शन नहीं अजमेर डिस्कॉम (14 जिलों) के अंदर एक बड़ा खेल सामने आया है। इंजीनियर्स ने पिछले दो सालों में 43.86 करोड़ के टेंडर अपने चहेते ठेकेदारों को दे दिए। इसके लिए उन्होंने एक नियम का फायदा उठाया, जिसमें 2 लाख से कम के काम के लिए ई टेंडर जारी करने की जरूरत नहीं होती। (पूरी खबर पढ़ें)