अजमेर में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। इसमें पीड़ित के मोबाइल पर स्क्रीन लॉक होने जैसा इंटरफेस भेजकर रुपए ठग लिए गए। पहाड़गंज निवासी रेडियोग्राफर धीरज सारस्वत के बैंक खाते से 42 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए थे। पीड़ित के अनुसार, 16 अक्टूबर की शाम कार वॉश कराने गए थे। इसी दौरान मोबाइल की स्क्रीन पर अचानक लॉक होने जैसा इंटरफेस आया। 6 डिजिट का नंबर मांगा। 1 से 6 तक अंक दबाए तो मोबाइल सामान्य हो गया। अगले दिन मोबाइल की हिस्ट्री चेक की तो खाते से रकम निकलने का पता चला। पीड़ित का कहना है कि ट्रांजेक्शन के दौरान न कोई OTP आया और न ही बैंक का अलर्ट मिला। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। कार वॉश के दौरान मोबाइल पर आया लॉक, नंबर दबाते ही खुला पीड़ित धीरज सारस्वत ने बताया कि 16 अक्टूबर की शाम को अपनी कार वॉश कराने गया था। इस दौरान अचानक मोबाइल की स्क्रीन पर लॉक जैसा इंटरफेस दिखाई देने लगा। मुझे लगा कि फोन में कोई तकनीकी खराबी आ गई है। मोबाइल को स्विच ऑफ कर दोबारा चालू किया, लेकिन स्क्रीन पर लॉक बना रहा। 6 डिजिट का नंबर मांगा। मैंने स्क्रीन पर 1 से 6 तक अंक दर्ज किए तो मोबाइल पहले की तरह काम करने लगा। उस समय किसी तरह की ठगी का अंदेशा नहीं हुआ। अगले दिन हिस्ट्री देखी, बैंक खाते से निकले 42 हजार धीरज ने बताया कि अगले दिन फोनपे एप की हिस्ट्री चेक करने पर खाते से रकम निकलने का पता चला। बैंक ऑफ इंडिया के खाते से 16 अक्टूबर को शाम 4:54 बजे 42 हजार रुपए यूको बैंक के एक खाते में ट्रांसफर हुए थे। पीड़ित का कहना है कि इस दौरान न कोई OTP मिला, न SMS और न ही बैंक की ओर से कोई नोटिफिकेशन आया। ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद वे संबंधित पुलिस कार्यालय पहुंचे, जहां से उन्हें रामगंज थाने भेज दिया गया। धीरज का आरोप है कि रामगंज थाने में शिकायत का स्टेटस पूछने पर उन्हें बताया गया कि पोर्टल पर मामला पेंडिंग है। वहां से अपडेट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। पीड़ित ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की है।