अजमेर जिले के एक थाने में दर्ज रेप के मामले में कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़िता ने गुरुवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दी और न्याय की मांग की। पीड़िता ने एक रिटायर्ड एडिशनल एसपी पर रेप और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी तरफ रिटायर्ड एडिशनल एसपी ने भी अजमेर के एक अन्य थाने में महिला के खिलाफ हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज करवाया है। दोनों पक्षों की शिकायतों में एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीण एडिशनल एसपी डॉ. लालचंद कायल ने कहा- पीड़िता ने ग्रामीण क्षेत्र के थाने में मामला दर्ज करवा रखा है। मामले में जांच जारी है। जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता का आरोप: राजीनामे का दबाव, झूठे केस में फंसाने की धमकी पीड़िता के अनुसार- पारिवारिक विवाद में मदद का झांसा देकर रिटायर्ड अधिकारी ने मुझे ब्लैकमेल किया और मेरा देह शोषण किया। इस संबंध में पीड़िता ने 5 सितंबर 2026 को थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़िता का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बाद भी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। पीड़िता ने थानाधिकारी पर राजीनामे के लिए दबाव बनाने का आरोप भी लगाया। उसका कहना है कि उसे रात 10 बजे फोन कर थाने बुलाया जाता है। छोटे बच्चे की जिम्मेदारी बताने के बावजूद आने का दबाव बनाया जाता है। पीड़िता के अनुसार- गवाही या साक्ष्य देने थाने जाने पर आरोपी वहां मौजूद मिला। कुछ दिन पहले आरोपी ने मेरे और गवाहों के साथ गाली-गलौज की थी। पीड़िता का आरोप है कि मामले में एफआर लगाने और उल्टा ब्लैकमेलिंग का मुकदमा दर्ज कर जेल भिजवाने की धमकी दी जा रही है। उसने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। रिटायर्ड अधिकारी का आरोप: 50 लाख रुपए और दो प्लॉट मांगकर किया ब्लैकमेल दूसरी तरफ रिटायर्ड एडिशनल एसपी ने शहर के एक थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि महिला ने नवंबर 2024 में सोशल मीडिया के जरिए मुझसे संपर्क किया था। महिला ने मेरी बेटी के वैवाहिक विवाद में कानूनी मदद का भरोसा दिलाया और दस्तावेज लेने के बहाने संपर्क बनाए रखा। अधिकारी ने आरोप लगाया कि महिला ने बाद में मुझे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। रिटायर्ड अधिकारी के अनुसार- पहले 5 लाख रुपए की मांग की गई। बाद में 50 लाख रुपए और दो प्लॉट देने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि रकम नहीं देने पर दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में फंसाने, एआई से फोटो-वीडियो तैयार कर बदनाम करने, मोबाइल हैक करने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री डालने की धमकी दी गई। अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि मेरे बेटे को भी ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। रिटायर्ड अधिकारी ने बताया- उन्होंने 30 अक्टूबर 2025 को थाने में शिकायत दी थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर 11 अक्टूबर 2026 में मामला दर्ज हुआ।