अजमेर नगर निगम के 3680 सफाई कर्मचारी और 205 ऑटो टिपर ड्राइवर ने बुधवार से फिर हड़ताल शुरू कर दी। इसके चलते शहर के 80 वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। हड़ताल में 2250 अस्थायी और 1430 स्थायी सफाई कर्मचारी शामिल हैं। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण भी बंद हो गया है। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, सफाई और कचरा संग्रहण शुरू नहीं किया जाएगा। पहले 27 जनवरी, फिर 16 फरवरी, इसके बाद 1 से 11 मई तक हड़ताल चली। वाल्मीकि समाज संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुकेश ढेनवाल और संयुक्त सफाई कामगार यूनियन के अध्यक्ष धनराज हाड़ा ने बताया कि 6 जुलाई को निगम आयुक्त को मांग-पत्र सौंपकर 24 घंटे का समय दिया गया था, लेकिन समाधान नहीं होने पर हड़ताल का निर्णय लिया गया। नगर निगम के सफाई कर्मचारी इस साल लगातार आंदोलन कर रहे हैं। फिलहाल नगर निगम प्रशासन व कार्मिकों में वार्ता चल रही है, लेकिन कोई हल नहीं निकला। बारिश में बढ़ सकती है परेशानी बारिश के मौसम में हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था और प्रभावित होने की आशंका है। कई स्थानों पर नालियों से निकाला गया कीचड़ अब भी सड़कों पर पड़ा है। तेज बारिश होने पर यह दोबारा नालियों में भर सकता है। कचरा डिपो में कचरा जमा रहने से बदबू और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। नालियां जाम होने पर उनकी सफाई भी प्रभावित होगी।