विजयादशमी पर दशहरा मैदान में होने वाले रावण दहन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार दशहरा उत्सव में 20 साल बाद बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पिछले दो दशक से अलवर के दशहरा मैदान में दहन होने वाले रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले डीग के कारीगर तैयार कर रहे थे। लेकिन इस बार पहली बार आगरा और गाजियाबाद के कारीगरों ने इन पुतलों को नई तकनीक से तैयार किया है। इस बार रावण की जीभ से चिंगारियां निकलेंगी और उसकी आंखें चारों तरफ घूमेंगी। खास बात यह भी है कि रावण के पुतले का दहन रिमोट का बटन दबाकर किया जाएगा। रावण का पुतला 65 फीट,कुंभकरण का 60 फीट और मेघनाथ का 55 फीट का पुतला बनाया गया है। दशहरा उत्सव समिति के राकेश अरोड़ा ने बताया कि सोमवार को तीनों पुतलों को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। सोमवार शाम तक पुतलों को दशहरा मैदान में पहुंचा दिया जाएगा। मंगलवार दोपहर 12 बजे तक तीनों पुतले मैदान में खड़े कर दिए जाएंगे। अयोध्या से लाई गई पावन रज, रामलला की नगरी से जुड़ेंगी उत्सव की परंपराएं विजयादशमी के आयोजन को लेकर धार्मिक कार्यक्रम भी चल रहे हैं। सोमवार को रामचरितमानस के पाठ का समापन हो रहा है। शनिवार को पुरुषार्थी समाज के लोग अयोध्या के लिए रवाना हुए थे। सोमवार को वे वहां से पावन रज लेकर अलवर पहुंचे। इस रज को तांगा स्टैंड स्थित रामलीला मैदान में रखवाया गया है। मंगलवार को भगवान राम की शोभायात्रा के साथ इस पावन रज को भी लाया जाएगा। दोपहर 12 बजे विजय महायज्ञ, ढाई बजे निकलेगी शोभायात्रा मंगलवार दोपहर 12 बजे पुरुषार्थी धर्मशाला में आचार्य सुदर्शनाचार्य के सानिध्य में विजय महायज्ञ होगा। इसके बाद दोपहर ढाई बजे पुरुषार्थी धर्मशाला से भगवान राम की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में 15 झांकियां शामिल होंगी। इसके अलावा विभिन्न संस्थाओं की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजन के दौरान ड्रोन से पुष्पवर्षा भी की जाएगी। सेल्फी के लिए बनवाए तीन छोटे पुतले इस बार दशहरा मैदान में आने वाले लोगों के लिए एक और खास व्यवस्था की गई है। रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के तीन छोटे पुतले अलग से तैयार करवाए गए हैं। इनका दहन नहीं किया जाएगा, बल्कि लोग इनके साथ सेल्फी ले सकेंगे। इससे दशहरा उत्सव में आने वाले लोगों को नई तकनीक से तैयार किए गए पुतलों के साथ तस्वीरें लेने का मौका मिलेगा।