अलवर में अक्टूबर का आखिरी सप्ताह किसानों के लिए खास है। खेतों में रबी की फसलों की बुवाई की तैयारियां चल रही हैं और ऐसे समय में मौसम का मिजाज खेती की रणनीति को प्रभावित कर सकता है। सरसों और गेहूं जैसी फसलों की बुवाई के लिए खेत तैयार करने वाले किसानों के लिए मिट्टी में पर्याप्त नमी और सिंचाई की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। वहीं दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने पर खेतों की ऊपरी सतह की नमी तेजी से कम हो सकती है। काफी समय खेती का काम कर रहे कैलाश जाटव ने बताया कि किसानों को बुवाई से पहले खेत की नमी और मौसम की स्थानीय परिस्थितियों पर ध्यान देना होगा। खासकर सरसों की बुवाई के दौरान सही समय और उचित नमी फसल के शुरुआती अंकुरण के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है दूसरी तरफ, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अलवर में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 23 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री रहने का अनुमान है। 24 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री रह सकता है, जबकि 25 अक्टूबर को पारा बढ़कर 37 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद 26 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना नहीं होने का पूर्वानुमान इस दौरान आसमान मुख्यतः साफ रहने और बारिश की संभावना नहीं होने का पूर्वानुमान है। ऐसे में दिन में तेज धूप और सुबह-शाम के अपेक्षाकृत ठंडे मौसम के बीच लोगों को तापमान के अंतर का सामना करना पड़ सकता है। अक्टूबर के अंतिम दिनों में मौसम का यह बदलाव खेती-किसानी के साथ आम जनजीवन के लिए भी महत्वपूर्ण रहेगा।