राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ललित पुरोहित ने जिला कारागृह का साप्ताहिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल में निरुद्ध बंदियों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनी तथा उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। सचिव पुरोहित ने बंदियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की नवीन स्पृहा योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कैदियों के जरूरतमंद आश्रितों को कानूनी, सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक संबल प्रदान करना है। इसके तहत बंदियों के परिजनों और बच्चों के लिए समग्र पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा आजीविका में निरंतरता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही उनके अधिकारों और आवश्यकताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी। सचिव ने बताया कि बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों की सुविधा के लिए मुलाकात से न्याय तक नाम से हेल्प डेस्क और विधिक सहायता के लिए प्रिजन लीगल एड क्लिनिक संचालित किए जा रहे हैं। लीगल एड डिफेंस काउंसिल के जरिए बंदियों को निरंतर कानूनी सलाह उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक तंगी में जो बंदी निजी अधिवक्ता की सेवाएं लेने में असमर्थ हैं, उन्हें विभाग द्वारा सुविधा दी जाएगी। मुलाकात से न्याय तक हेल्प डेस्क से मिल रही मदद