प्रदेश के आयुर्वेद अस्पतालों और डिस्पेंसरी को अब इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम (आईएचएमएस) से जोड़ा जा रहा है। पहले चरण में 10 अस्पतालों का चयन किया गया है। इंटरनेट सुविधा वाले इन अस्पतालों को लैपटॉप भी दिए गए हैं। कुछ जगह सिस्टम शुरू हो चुका है। इस व्यवस्था से मरीजों की बीमारी, उपचार और पिछली विजिट का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में एक जगह उपलब्ध रहेगा। मरीज दोबारा अस्पताल आएगा तो उसकी पुरानी जानकारी आसानी से देखी जा सकेगी। इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सिस्टम शुरू होने के बाद स्टाफ की ओर से सामने आई तकनीकी समस्याओं और सवालों का निदेशालय स्तर पर समाधान कराया जा रहा है। आधार और मोबाइल नंबर से खुलेगा पुराना रिकॉर्ड एलोपैथी अस्पतालों की तरह आयुर्वेद में भी मरीज का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें आधार नंबर, मोबाइल नंबर, बीमारी और पहले कराए गए उपचार से जुड़ी जानकारी दर्ज होगी। मरीज दोबारा अस्पताल आएगा तो मोबाइल नंबर दर्ज करने पर उसकी पिछली विजिट और बीमारी से संबंधित रिकॉर्ड सामने आ सकेगा। पता चलेगा कहां, किस बीमारी के मरीज ज्यादा डिजिटल रिकॉर्ड से पता लगाया जा सकेगा कि किस क्षेत्र से किस तरह की बीमारी के मरीज अधिक आ रहे हैं। किसी बीमारी के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है या किसी खास क्षेत्र में एक ही तरह की समस्या के ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं, इसका आकलन करने में मदद मिलेगी। यह डेटा आयुर्वेद चिकित्सा से जुड़े शोध में उपयोगी हो सकता है। बीमारी के रुझान और मरीजों की जरूरतों को समझकर भविष्य में उपचार संबंधी योजनाएं बनाने में भी मदद मिलेगी। कुछ जगह शुरू किया है पोर्टल: निदेशक: क्या है आईएचएमएस? इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम अस्पतालों के कामकाज को डिजिटल बनाने वाली व्यवस्था है। इसमें मरीजों का पंजीकरण, बीमारी, पुराने इलाज व उपचार से जुड़ा रिकॉर्ड कंप्यूटर पर दर्ज किया जाता है। इससे मरीज की पिछली जानकारी आसानी से मिल सकती है और अस्पताल के कामकाज को व्यवस्थित करने में मदद मिलती है। }कर्मचारियों को सिस्टम चलाने का प्रशिक्षण: अस्पतालों को आईएचएमएस से जोड़ने के लिए उपकरण उपलब्ध कराने के साथ कर्मचारियों को सिस्टम चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसमें मरीजों का रिकॉर्ड दर्ज करना, पुरानी जानकारी अपडेट करना और जरूरत के अनुसार डेटा देखना सिखाया जाएगा। पहले चरण में 10 अस्पतालों में यह व्यवस्था शुरू की जा रही है।