अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर गांव 50 जीबी के पास रेल ट्रैक पर विस्फोट से दो स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए। धमाका इतना तेज था कि ट्रैक पर दो फीट गहरा गड्ढा हो गया। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह धमाका कहीं आरडीएक्स से तो नहीं किया गया। पुलिस ने 20 लोगों को डिटेन किया है। एटीएस समेत स्थानीय एजेंसियां जांच कर रही हैं। ब्लास्ट के बाद कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। चिंता यह है कि श्रीगंगानगर बॉर्डर पर 12 अक्टूबर को हुई आरडीएक्स की ड्रॉपिंग के कनेक्शन कहीं इस ब्लास्ट से तो जुड़े हुए नहीं हैं। भास्कर ने इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि पाक से RDX मंगाने वाले दो संदिग्धों में एक बज्जू भी शामिल था। बज्जू के घर 16 एमएलडी से महज 4 किमी दूर ही वह रेलवे ट्रैक है, जहां ब्लास्ट हुआ। सवाल उठ रहा है कि ड्रॉपिंग में शामिल रघु और बज्जू राजस्थान पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों है, जबकि जिसके खेत में ड्रॉपिंग हुई उससे भी अभी तक पूछताछ नहीं की गई है। पंजाब पुलिस की पूछताछ में हैंडलर कुलवंत सिंह ने कबूल किया है कि वो जेल में बंद रहने के दौरान ही पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में था। इसलिए यह संभव है कि उसके जरिए पहले भी विस्फोटक की ड्रॉपिंग हुई हो और ये श्रीगंगानगर में ही कहीं छिपाकर रखा हो। पंजाब पुलिस ने भी इसका इनपुट दिया है। दरअसल, कुलवंत पर पाकिस्तानी तस्कर ‘डॉक्टर’ के ड्रग्स बिक्री के 8 लाख रुपए बकाया थे। 27 अगस्त 2026 को जब वह जेल से छूटा, तो डॉक्टर ने उससे संपर्क किया। उसने कुलवंत को इस शर्त पर उधारी माफ करने का ऑफर दिया कि उसे पाकिस्तानी हैंडलर ‘बॉस’ के लिए काम करेगा। 4 अक्टूबर को बॉस ने ही उसे श्रीगंगानगर के 12 केएनडी बॉर्डर पर ड्रोन ड्रॉपिंग रिसीव करने का टास्क दिया। बॉस ने ही उसे हिदायत दी थी कि तीसरे पैकेट को सावधानी से खोलना, इसी में ही आरडीएक्स निकला था। एडीजी ने रिपोर्ट में कार्रवाई को लिखा फिर भी गिरफ्तारी नहीं बता दें कि एडीजी बीजू जॉर्ज जोसफ ने 12 अक्टूबर को हुई ड्रॉपिंग मामले की विशेष जांच में रघु और बज्जू को लिप्त माना है। सरकार को सौंपी रिपोर्ट में उन्होंने इसका जिक्र भी किया था। सवाल उठ रहा है अनुशंसा के बाद भी आखिर क्यों बज्जू, रघु और अन्य के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। कुलवंत ने पंजाब पुलिस को बताया कि 12 अक्टूबर को जब ड्रोन ने 3 पैकेट गिराए तो इन्हें सुखविंदर, लखविंदर और एक व्यक्ति ने ग्राउंड पर रिसीव किया था। इसमें एएनटीएफ का सिपाही भी शामिल होना बताया गया है। जिस खेत में ड्रॉपिंग हुई वो सिपाही के रिश्तेदार का है। जिसके घर में वॉन्टेड रुका और जिसके खेत में ड्रॉपिंग हुई, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं अनूपगढ़-सूरतगढ़ ट्रैक पर जिस जगह ब्लास्ट हुआ है, वह 50 जीबी गांव के पास है। यहां से राजवेंद्र उर्फ रघु और बज्जू का गांव 16 बीएलडी सिर्फ 4 किमी दूर है। रघु एएनटीएफ का मुखबिर रहा है। उसने ही पंजाब के जलालाबाद थाने पर पर ग्रेनेड हमले में वांटेड सुखविंदर को अपने दोस्त बज्जू के घर रुकवाया। एएनटीएफ ने रघु के जरिए ही सुखविंदर तक मोबाइल पहुंचाया था। उसने इसी से कुलवंत से संपर्क किया और आरडीएक्स ड्रॉपिंग की डील की।