बारां शहर में दशहरा पर्व की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार रावण दहन दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। दशहरा उत्सव समिति की ओर से 55 फीट ऊंचा रावण और 30-30 फीट ऊंचे कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले तैयार किए गए हैं। रावण के पुतले की खासियत यह होगी कि दहन के दौरान वह मुंह चलाने के साथ तलवार भी चलाएगा और उसके मुंह से रोशनी निकलेगी। पुतलों पर रंग-रोगन का काम पूरा हो चुका है और उत्सव की बाकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मुंह चलाने से लेकर तलवार चलाने तक दिखेगा खास अंदाज इस बार रावण का पुतला कई विशेष खूबियों से लैस होगा। दहन के दौरान रावण के मुंह चलने और तलवार चलाने के साथ उसके मुंह से रोशनी भी निकलेगी। पुतले में किए गए इन खास इंतजामों से रावण दहन का नजारा और आकर्षक होगा। आयोजकों को उम्मीद है कि रावण के इस अनूठे अंदाज को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। 15 से 20 दिन में तैयार किए तीनों पुतले दशहरा उत्सव समिति के अनुसार, रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों को तैयार करने में करीब 15 से 20 दिन लगे हैं। रावण का पुतला 55 फीट ऊंचा, जबकि कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले 30-30 फीट के बनाए गए हैं। तीनों पुतलों पर रंग-रोगन का काम पूरा हो चुका है। अब आयोजन से जुड़ी शेष तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दहन से पहले मनोरंजन कार्यक्रम और आतिशबाजी आयोजकों ने बताया कि रावण दहन से करीब एक घंटे पहले मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही आतिशबाजी भी होगी। कार्यक्रमों के बाद रावण दहन किया जाएगा। इस तरह दशहरा उत्सव में पुतलों के दहन के साथ मनोरंजन और आतिशबाजी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।