बारां के प्रताप चौक स्थित बड़ वाले बालाजी के पास श्री महावीर कला मंडल संस्थान की रामलीला में रविवार रात सागर पर सेतु निर्माण और अंगद-रावण संवाद का मंचन हुआ। संस्थान अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने बताया कि हनुमान के लंका से लौटने के बाद राम ने वानर सेना को सागर पार ले जाने के लिए रामेश्वरम में शिवलिंग स्थापित कर सागर से रास्ता मांगा। हल न निकलने पर लक्ष्मण के कहने पर राम ने अग्निबाण चलाया। इलेक्ट्रॉनिक तीरों का होगा इस्तेमाल इससे डरकर सागर देव प्रकट हुए और नल-नील द्वारा राम नाम लिखे पत्थर पानी पर तैरने की बात कही। 5 दिन में राम सेतु का निर्माण पूरा कर सेना लंका पहुंची। शांति दूत अंगद ने रावण को समझाने की कोशिश की, पर अहंकारी रावण नहीं माना। अंगद ने पैर जमाकर चुनौती दी, जिसे कोई वीर हिला नहीं पाया। महामंत्री धर्मेन्द्र शर्मा ने बताया कि आज मंगलवार को मेघनाद और रावण वध की लीला होगी, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक तीरों का इस्तेमाल किया जाएगा।