भरतपुर में अपना घर आश्रम में आज साढ़े तीन साल बाद बुआ और भतीजे का मिलन हुआ। शांति देवी के पति की मौत के बाद उन्हें अपना घर आश्रम में लाया गया था। दिमागी रूप से बीमार होने के कारण वह अपने घर का पता भूल गई थी। आश्रम में इलाज के दौरान शांति देवी की हालत में सुधार हुआ। तब उन्होंने अपना घर आश्रम की टीम को अपने घर के बारे में बताया। साल 2023 में अपना घर आश्रम लाया गया था अपना घर आश्रम के सचिव नरेंद्र तिवारी ने बताया कि शांति देवी निवासी अलीगढ़ को फ़रवरी 2023 में अपना घर आश्रम लाया गया था। वह मानसिक रूप से बिमारी थी। उनका यहां इलाज किया गया। उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ तो, उन्होंने अपना घर आश्रम की टीम को अपने परिजनों के बारे में बताया। तब आज उनका भतीजा उन्हें लेने के लिए आश्रम में पहुंचा। पति की मौत के बाद बिगड़ी तबियत दरअसल साल 2022 में शांति देवी के पति का निधन हो गया। जिसके बाद शांति देवी अकेले पड़ गई। शांति देवी के पास कोई बच्चा नहीं था। वह बीमार रहने लगी। आसपास के लोगों ने उन्हें अलीगढ़ के मलखान सिंह अस्पताल में भर्ती करवा दिया। शांति देवी को देखने के लिए अस्पताल कोई नहीं आया। अस्पताल में शांति देवी का इलाज चला और वह ठीक हो गईं। अपना घर आश्रम में हुआ इलाज शांति देवी को लेने के लिए उनके परिवार का कोई भी सदस्य नहीं आया। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने 26 फ़रवरी 2023 को शांति देवी को अपना घर आश्रम में भेज दिया। उस समय भी शांति देवी की दिमागी हालत ठीक नहीं थी। अपना घर आश्रम में शांति देवी का इलाज चला। धीरे-धीरे उनकी हालत में सुधार हुआ। इलाज में सुधार के बाद परिवार के बारे में बताया कुछ दिनों पहले शांति देवी ने अपना घर आश्रम की टीम को अपने घर के बारे में बताया। तब अपना घर आश्रम की टीम ने शांति देवी के परिजनों से संपर्क किया। जैसे ही उनके भतीजे नरेंद्र को शांति देवी के बारे में पता लगा तो, वह तुरंत अपनी बुआ को लेने के लिए अपना घर आश्रम में पहुंचा। भतीजा पहुंचा बुआ को लेने पहले तो, शांति देवी अपने भतीजे नरेंद्र को पहचान नहीं पाई। जब आश्रम की टीम ने शांति देवी का उनके भतीजे से परिचय करवाया तो, वह अपने नरेंद्र को पहचानी। जिसके बाद वह उसके सीने से लगकर रोने लगी। तब नरेंद्र अपनी बुआ को लेकर अलीगढ़ के लिए रवाना हो गया।