भीलवाड़ा में 72 साल की कमला देवी हत्याकांड में भीमगंज थाना पुलिस ने गिरफ्तार चौथे आरोपी कालू पुत्र किशोर तापड़िया को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने उसे 5 दिन के रिमांड पर लिया है। इस दौरान पुलिस कालू को लंगड़ाते हुए कोर्ट लेकर पहुंची। कोर्ट ने आरोपी को 10 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। रिमांड अवधि में पुलिस उससे हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं पर पूछताछ करेगी और कड़ी से कड़ी जोड़ने का प्रयास करेगी। वारदात के बाद से फरार था कालू मुख्य आरोपी रवि तापड़िया का भतीजा कालू वारदात के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, उसके कोटा में होने की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि कालू वारदात के बाद शक्करगढ़ थाना क्षेत्र के अमरगढ़ गांव के जंगल में छिपा हुआ था। फरारी के दौरान वह जयपुर, टोंक, कोटा और भीलवाड़ा के शाहपुरा इलाके में भी रहा। मोबाइल बंद करने से लोकेशन का पता लगाना हुआ मुश्किल भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी ने बताया कि हत्याकांड के बाद कालू ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया था। इससे उसकी लोकेशन का पता लगाने में परेशानी हो रही थी। इसी दौरान उसके कोटा के पास छिपे होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने अमरगढ़ के जंगल में दबिश देकर उसे पकड़ लिया। शव जलाने और हड्डियां ठिकाने लगाने में किया सहयोग प्रारंभिक पूछताछ में कालू ने अपने चाचा रवि तापड़िया के साथ मिलकर कमला देवी का शव जलाने में सहयोग करने की बात कबूल की है। उसने हड्डियां इकट्ठा कर उन्हें नदी-नाले में फेंकने में भी सहयोग किया था। वारदात में भूमिका और अन्य सहयोगियों के बारे में होगी पूछताछ पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात स्थल की तस्दीक करवाएगी। इसके साथ ही हत्याकांड में उसकी भूमिका, अन्य सहयोगियों की संलिप्तता और सबूत मिटाने से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी।