कांग्रेस और सीजेपी(CJP) के एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को हटाने के अभियान के नरेटिव को तोड़ने के लिए बीजेपी ने आज से देशभर में 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ' अभियान शुरू किया हैं। 5 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में पार्टी ने जेन-जी और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के जरिए कांग्रेस के नरेटिव को तोड़ने का लक्ष्य रखा हैं। दरअसल, देश में इस समय विपक्षी पार्टियां एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यशैली को लेकर मौजूदा केन्द्र सरकार पर सवाल खड़े कर रही हैं। पदयात्रा और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से जुड़ेगी बीजेपी इस नरेटिव को तोड़ने के लिए बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने आज से इस अभियान को शुरू किया हैं। अभियान के तहत हर प्रदेश में पार्टी पदयात्रा, संवाद कार्यक्रम, प्रेस कांफ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए प्रोफेशनल्स, युवा, छात्र और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स तक पहुंचने का प्रयास करेगी। एसआईआर के पक्ष में जुटाएगी समर्थन अभियान को लेकर बीजेपी के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची की शुचिता और पात्र नागरिकों के मताधिकार के मुद्दे पर जनसमर्थन जुटाना है। उन्होंने कहा कि SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों का जवाब देना और चुनाव आयोग सहित लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास मजबूत करने का संदेश देना है। बगड़ी ने कहा कि विपक्ष एसआईआर को लेकर भ्रामक सूचनाएं फैलाने और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपना रहा है। 41 जिलों में पदयात्रा, 200 विधानसभाओं में संवाद उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रदेश के जिला मुख्यालयों में पदयात्राएं आयोजित की जाएगी। पदयात्राओं में मतदाता सूची की शुद्धता, घुसपैठ और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों पर जनता को सच्चाई से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत 23 से 31 अक्टूबर के बीच प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 'राष्ट्र चिंतन संवाद' कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें डॉक्टर, वकील, शिक्षक, प्रोफेसर, कारोबारी, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और अन्य पेशेवर शामिल होंगे। इन संवादों में एसआईआर की प्रक्रिया, मतदाता सूची में संशोधन और अवैध घुसपैठ से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।