चित्तौड़गढ़ जिले में पंचायत राज चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए नामांकन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 23 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख होने से कलेक्ट्रेट परिसर में दावेदारों और उनके समर्थकों की आवाजाही बनी हुई है। बड़ी संख्या में लोग नामांकन दाखिल करने पहुंच रहे हैं, लेकिन सभी की नजर राजनीतिक दलों की टिकट सूची पर टिकी है। कई वार्डों में एक ही पार्टी से एक से ज्यादा दावेदार हैं। ऐसे में किसे टिकट मिलेगा और किसे इंतजार करना पड़ेगा, इसे लेकर दिनभर चर्चाएं होती रहीं। इस बार पंचायत राज चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलने का असर भी दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में शिक्षित महिलाएं चुनाव लड़ने के लिए आगे आ रही हैं और अपनी दावेदारी पेश कर रही हैं। वार्ड-14 में ननद-भाभी दोनों ने भरा नामांकन जिला परिषद के वार्ड संख्या 14 में एक ही परिवार की दो महिलाओं के नामांकन चर्चा का विषय बने हुए हैं। यहां ननद और भाभी दोनों ने नामांकन दाखिल किया है। एमएससी और पीएचडी कर चुकीं डॉ. कंचन जाट चित्तौड़गढ़ पॉलिटेक्निक कॉलेज में गेस्ट लेक्चरर थीं। चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दिया और अब राजनीति में कदम रखा है। कंचन का कहना है कि महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, इसलिए उन्हें नेतृत्व का मौका भी मिलना चाहिए। अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है तो वे शिक्षा, महिलाओं से जुड़े मुद्दों और ग्रामीण क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम करेंगी। उनका कहना है कि शिक्षित होने के कारण वे लोगों की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझकर उनका समाधान कराने की कोशिश करेंगी। किसान परिवार से दोनों दावेदार, पहली बार लड़ेंगी चुनाव डॉ. कंचन जाट की भाभी ममता जाट ने भी वार्ड संख्या 14 से नामांकन दाखिल किया है। ममता बीएससी पास हैं और फिलहाल रीट परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। दोनों पहली बार चुनावी मैदान में उतरी हैं। कंचन ने बताया कि उनके पिता जयशंकर जाट ग्रेजुएट हैं, जबकि उनकी मां पांचवीं तक पढ़ी हैं। माता-पिता खेती करते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा बच्चों की पढ़ाई को सबसे ज्यादा महत्व दिया। इसी सोच के कारण परिवार के सभी भाई-बहनों को अच्छी शिक्षा मिली। अब परिवार की दो महिलाएं एक साथ चुनावी राजनीति में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, आगे की स्थिति राजनीतिक दलों की टिकट पर निर्भर करेगी। जन्मदिन पर दाखिल किया नामांकन, अब टिकट का इंतजार पंचायत समिति सदस्य के वार्ड संख्या 7 से दुर्गाशंकर चौबीसा भी अपने जन्मदिन पर नामांकन दाखिल करने पहुंचे। उन्होंने इसे अपने जीवन की नई शुरुआत बताया। दुर्गाशंकर वर्ष 2020 में वार्ड पंच का चुनाव लड़ चुके हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स का व्यवसाय करते हैं। उनके बड़े पापा ने बताया कि परिवार ने उनके जन्मदिन पर ही कारोबार की शुरुआत की थी। अब चुनावी सफर की शुरुआत भी इसी दिन हुई है। कलेक्ट्रेट परिसर में दिनभर अलग-अलग वार्डों से दावेदारों का आना-जाना लगा रहा। अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजनीतिक दलों की टिकट सूची का इंतजार है। टिकट मिलने के बाद ही साफ होगा कि किस वार्ड में किन प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा और चुनावी तस्वीर किस दिशा में आगे बढ़ेगी।