यूनिवर्सिटी रोड और शोभागपुरा 100 फीट रोड पर बने सर्किल के नाम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 18 अक्टूबर को इसका लोकार्पण आर्किटेक्ट टॉवर के नाम से किया गया था। अब भाजपा शहर विधायक ताराचंद जैन ने इसके नामकरण पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने चौराहे का नाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) या ठाकुर अमरचंद बड़वा के नाम पर रखने की मांग की है। विधायक ने आरोप लगाया कि उनकी अनुपस्थिति में मेयर पारस सिंघवी, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा और शहर भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह की मौजूदगी में चौराहे का जल्दबाजी में लोकार्पण कर दिया गया। उन्होंने बिना प्रशासनिक स्वीकृति लोकार्पण करने और विकास कार्यों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है। सर्किल का 99% हिस्सा शहर विधानसभा में, फिर भी उद्घाटन में नहीं बुलाया: विधायक विधायक ताराचंद जैन ने पत्र में यह भी सवाल उठाया कि क्या इस चौराहे के रखरखाव के लिए आर्किटेक्ट कमेटी को स्वामित्व या लीज पर दिया गया है, और क्या यूआईटी से उद्घाटन हेतु कोई स्वीकृति ली गई थी। जैन ने पत्र में बताया कि यह चौराहा पूरी तरह शहरी विधानसभा में नहीं आता, बल्कि इसका 99 प्रतिशत हिस्सा और केवल 3 फीट 3 नाली पूर्व में ग्रामीण विधानसभा की भुवाणा में आता है। यूआईटी के माध्यम से चौराहे के अधूरे कार्यों को पूरा कर विधायक मद से स्वीकृत राशि द्वारा नामकरण करने और वरिष्ठ नेताओं द्वारा प्रतिमा स्थापित कर उद्घाटन कराने की मांग की गई है। नाम को लेकर तीन दावे सामने यह टावर मेवाड़ की स्थापत्य कला के प्रमुख वास्तुविद मंडन की स्मृति में बनाया गया है। मंडन महाराणा कुंभा के प्रधान वास्तुविद माने जाते हैं। कुंभलगढ़ दुर्ग सहित मेवाड़ की स्थापत्य विरासत में उनके योगदान को देखते हुए टावर का नाम आर्किटेक्ट टॉवर रखा गया। अब इसके नाम को लेकर तीन दावे सामने हैं। ऐसे में चौराहे की पहचान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जूडियो सर्किल व आर्किटेक्ट्स टावर के नाम से प्रचार क्यों करते रहे: मेयर मेयर पारस सिंघवी का कहना कि मुझे खुद ऐन वक्त पर कार्यक्रम की सूचना मिली थी। मेरी ऐसी कोई मंशा नहीं थी कि समारोह में विधायक जैन नहीं आएं। अगर टावर का नाम पूज्य गुरुजी या मेवाड़ के पूर्व प्रधानमंत्री बड़वा के नाम पर था, तो जूडियो सर्किल व आर्किटेक्ट्स टावर के नाम से इसका प्रचार-प्रसार क्यों करते रहे? अगर गुरुजी के नाम पर प्रस्ताव पास हो चुका होगा तो टावर पर गुरुजी का नाम स्वर्णिम अक्षरों में अंकित कर दिया जाएगा। सिंघवी ने ये वादा भी किया कि आगे से वे खुद विधायक जैन को आमंत्रण पत्र भेजकर बुलाएंगे, ताकि विवाद की स्थिति पैदा न हो। तीन दिन में ऐसे बढ़ा विवाद पहले दिन: भाजपा शासित नगर निगम के उप महापौर पारस सिंघवी ने कुंभाकालीन वास्तुविद मंडन की स्मृति में बने टावर का लोकार्पण कर इसे आर्किटेक्ट्स टावर नाम दिया। दूसरे दिन: भाजपा शहर विधायक ताराचंद जैन ने नामकरण पर आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर 2017 को नगर निगम की कमेटी में सर्किल का नाम आरएसएस के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर (गुरुजी) के नाम पर रखने का प्रस्ताव पारित हुआ था। जून 2018 में ठाकुर अमरचंद बड़वा स्मृति संस्थान की मांग पर यूडीए की बैठक में इसे मेवाड़ रियासत के पूर्व प्रधानमंत्री ठाकुर अमरचंद बड़वा के नाम पर करने का निर्णय भी लिया गया था। तीसरे दिन: ठाकुर अमरचंद बड़वा स्मृति संस्थान ने आंदोलन की चेतावनी दी। संस्थान ने कहा कि 2018 में ही इस स्थान को बड़वा के नाम समर्पित करने का फैसला हो गया था और वह इस वादे से पीछे नहीं हटने देगा।