सवाई माधोपुर में एक बेटी ने अपने पिता की अंतिम इच्छा पूरी की। पिता की इच्छा थी कि उनकी मौत के बाद बेटी ही सभी संस्कार निभाए। पिता ने आखिरी सांस ली तो शादीशुदा बेटी ने पति और ससुर से अनुमति ली और पिता की अंतिम इच्छा पूरी की। मामला सवाई माधोपुर शहर की बाल मंदिर कॉलोनी का है। ठाकुर मोहन सिंह राजावत लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे। वह एक रिटयर्ड पुलिसर्मी थे। वे अपने अंतिम दिनों में कहते थे- मेरी बेटी ब्रजेश किसी बेटे से कम नहीं। मेरी आखिरी विदाई भी वही करेगी। गुरुवार को ठाकुर मोहन सिंह की अंतिम यात्रा निकली तो बेटी ब्रजेश ने अर्थी को कंधा दिया। आंखों में आंसू, कदमों में हिम्मत मोहन सिंह की बेटी ब्रजेश कंवर ने पति भंवर पुष्पेंद्र सिंह और अपने ससुर से इजाजत लेने के बाद पिता का अंतिम संस्कार किया। पिता की अर्थी को कंधा देते वक्त ब्रजेश की आंखों में आंसू थे, लेकिन उन्होंने हिम्मत से काम लिया और सारे संस्कार दिए। उन्होंने पिता को पुष्पांजलि दी। फिर कंधा देकर अर्थी को श्मशान तक पहुंचाया। जब मुखाग्नि देने का समय आया तो माहौल पूरी तरह शांत हो गया। ब्रजेश कंवर आगे बढ़ी और मुखाग्नि दी। पति-ससुर का समर्थन ब्रजेश के फैसले का उनके पति और ससुर ने न केवल समर्थन किया बल्कि सम्मान भी दिया। अंतिम संस्कार के वक्त जब ब्रजेश ने पिता को मुखाग्नि दी तो हर आंख नम हो गई।