दौसा जिले में खाद की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री और निर्धारित दर से ज्यादा कीमत वसूलने पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग सक्रिय हो गया है। शनिवार को मानपुर चौराहा और सिकराय में खाद-बीज की दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान यूरिया और डीएपी के स्टॉक की जांच की गई और उर्वरकों के 8 सैंपल लिए गए। खाद-बीज विक्रेताओं को रिकॉर्ड रखने के निर्देश सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) अशोक कुमार मीणा ने बताया - निरीक्षण के दौरान खाद-बीज विक्रेताओं को रिकॉर्ड का सही तरीके से संधारण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कहा गया कि किसानों को उर्वरक, बीज और कीटनाशक निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध कराएं। यूरिया और डीएपी की उपलब्धता, स्टॉक और वितरण व्यवस्था पर भी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसानों को जरूरत के अनुसार अच्छी गुणवत्ता वाले कृषि आदान उचित दरों पर मिल सकें। किसान बिल लेकर ही खरीदें खाद कृषि अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान किसानों को खाद खरीदते समय बिल जरूर लेने और अपनी वर्तमान जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदने की सलाह दी। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे मिट्टी परीक्षण और फसल की जरूरत के अनुसार ही उर्वरकों का संतुलित मात्रा में उपयोग करें। कृषि विभाग ने किसानों से कहा कि अगर उर्वरकों की उपलब्धता या बिक्री में किसी तरह की अनियमितता मिलती है या कोई विक्रेता निर्धारित दर से ज्यादा राशि वसूलता है, तो इसकी सूचना कृषि अधिकारियों को दें। निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारी थान सिंह, श्यामलाल बुनकर और अंजली शर्मा मौजूद रहे।