सरकारी स्कूलों को रातों-रात इंग्लिश मीडियम बनाकर कॉन्वेंट को टक्कर देने का सरकारी सपना फिलहाल हवा हो गया है। सूबे के 346 महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों (अंग्रेजी माध्यम) के लिए छात्र ही नहीं मिले। सरकार ने इन स्कूलों में दोबारा हिंदी माध्यम से पढ़ाई का फैसला लिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने राज्य के सभी डीईओ को विस्तृत प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है। मामला इतना गंभीर है कि विभाग ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए ईमेल पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांग ली है। विभाग ने इन 4 सवालों का जवाब सभी डीईओ से मांगा